भास्कर न्यूज | उदयपुर लखनपुर वन विभाग के अंतर्गत आने वाले तेंदूपत्ता फड़ों पर लाखों रुपए के भुगतान में हेरफेर का मामला सामने आया है। आरोप है कि पोषक अधिकारी और प्रबंधक ने मिलकर सात फड़ों के तेंदूपत्ता संग्राहकों के पैसे का गबन किया है। पिछले दो साल से ग्रामीण अपने पैसों की मांग को लेकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। साल 2024-25 में खुटिया, लैंगा, पथरी, निम्हा, पोतका, मुटकी और गेतरा जैसे दूरदराज के गांवों के ग्रामीणों ने धूप में तेंदूपत्ता तोड़ा था। जब भुगतान का समय आया, तो उनकी बेची गई गड्डियों की संख्या कम कर दी गई। इन घटाई गई गड्डियों के पैसे का ऑफलाइन भुगतान पोशक अधिकारी ने अपने निजी रिश्तेदारों और मनचाहे लोगों के खातों में किया। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब संग्राहकों को उनकी मेहनत के हिसाब से पूरी राशि नहीं मिली। इसके बाद वे फड़ मुंशियों के साथ मिलकर अधिकारियों के पास शिकायत करने पहुंचे। लखनपुर के प्रभारी रेंजर कमलेश राय ने कहा कि तेंदूपत्ता फड़ का विभाग अलग है और इसका भुगतान रायपुर से होता है। उन्होंने इस मामले में प्रबंधक से जानकारी लेने की बात कही। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने और उनके बकाए भुगतान को जल्द से जल्द कराने की मांग की है।


