तेजस्वी बोले- चुनाव से पहले क्यों बना रहे वोटर लिस्ट:नीतीश और BJP गरीबों से वोटिंग राइट्स छीनना चाहती है; डर गई है NDA

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को केंद्र और इलेक्शन कमीशन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा- ‘इलेक्शन कमीशन ने अचानक से कहा है कि जो वोटर लिस्ट बनी थी, उसे साइड कर दिया गया है। अब नई लिस्ट बनाई जाएगी, सवाल ये उठता है कि चुनाव से ठीक पहले आप वोटर लिस्ट क्यों बना रहे हैं।’ ‘ये लोग चुनाव से पहले मतदाताओं की छंटनी करके सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। क्या इतने कम दिनों में बिहार के सभी लोगों की वोटर लिस्ट बनेगा।’ एक महीने में कैसे बनेगी वोटर लिस्ट तेजस्वी यादव ने आगे कहा- ‘सवाल ये है कि 22 सालों के बाद वोटर लिस्ट में विशेष जांच की क्या जरूरत आ पड़ी। ये नए वोटर्स की लिस्ट केवल बिहार में बनाई जा रही है, पिछली बार हुआ था तो 2 साल लगे थे तो क्या ये अभी 1 महीने में बन जाएगी।’ ’90 परसेंट BLO को मतदाता सूची भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। राज्य सरकार पहले मतदाता सूची से नाम काटेंगे, उसके बाद उनका राशन बंद करेंगे। वो पेंशन बंद करेंगे। ये लोग आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड को नहीं मानते हैं, ये लोग जिस डॉक्यूमेंट को मांग रहे हैं, वो कहां से गरीब लोग लाएंगे।’ ‘इलेक्शन कमीशन ने तो पहले कहा था कि वोटर कार्ड और आधार को लिंक किया जाए तो बिहार में ये क्यों नहीं है? तेजस्वी ने कहा कि आज भी RSS के एक नेता संविधान बदलने की बात कर रहे हैं। चुनाव से ठीक पहले ये लिस्ट बनानी सही है क्या।’ कई लोगों को अपनी नागरिकता साबित करनी होगी ‘बिहार में कुल 8 करोड़ लोग मतदाता हैं, जिसमे 4 करोड़ 76 लाख मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ेगी। इस सभी को 3 समूह में बांटा जाए तो इन्हें अपनी नागरिकता का सबूत पेश करना है। 20 से 38 साल के लोग हैं। उन्हें अपने माता पिता की नागरिकता साबित करनी होगी।’ ‘पहला समूह जो 39 से 40 साल के लोग हैं, उन्हें अपनी नागरिकता को साबित करनी होगी। तीसरा वर्ग जो 11 पर्सेंट है, जो 18 से 20 साल के हैं, उन्हें अपने माता और पिता की नागरिकता देनी होगी।’ ‘निर्वाचन आयोग के 11 दस्तावेज में से 3 तो कॉमन हैं, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मैट्रिक का डॉक्यूमेंट है। मैट्रिक पत्र में आज 40 से 60 साल के लोग में से केवल 13 परसेंट लोग हाई स्कूल पास हैं।’ ‘जाति प्रमाण पत्र के हिसाब से 20 परसेंट पिछड़ा और 25 परसेंट अति पिछड़े लोगों के पास बस जाति प्रमाण पत्र है। जनरल कैटेगरी के लोगों के बस 5 परसेंट लोग हैं, जिनके पास जाति प्रमाण पत्र है। ये चुनाव से पहले मतदाताओं की छटनी करके सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।’ ‘बिहार के करीब 3 करोड़ लोग सरकार के मुताबिक बिहार से पलायन कर चुके हैं। अब इनका वोटरकार्ड कैसे बनेगा ये बताएं? ये लोग वोट का अधिकार छीन रहे हैं, तेजस्वी ने कहा अगर वास्तव में सुधार करना चाहते थे तो लोकसभा चुनाव के बाद तुरंत क्यों नहीं किया।’

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