मिहिजाम| चित्तरंजन स्टेशन पर सोमवार तड़के एक हादसे में 46 साल के शेख असगर अली की मौत हो गई। वह पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले के खुंदापुर, ओनारी ओआरी के रहने वाले थे। हादसा रात करीब 1:55 बजे हुआ। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर ट्रेन संख्या 13019 (अप) आई थी। ट्रेन 2:00 बजे रवाना होने लगी। इसी दौरान शेख असगर चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगे। प्लेटफॉर्म पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल वाई कुमार ने उन्हें ऐसा करने से रोका। चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माने। ट्रेन से उतरते ही उनका संतुलन बिगड़ गया। वह नीचे गिर पड़े। सिर धड़ से अलग हो गया। शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ एएसआई प्रियव्रत हाती और जीआरपी एएसआई धनंजय राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के पास से आधार कार्ड, वोटर आईडी, तीन एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और यात्रा टिकट मिला। टिकट मायापुर से श्रीरामपुर का था। कानूनी प्रक्रिया के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, जामताड़ा भेजा गया। जीआरपी मधुपुर ने यूडी केस दर्ज किया है। भास्कर न्यूज | जामताड़ा स्टेशन रोड पर जेबीसी स्कूल के सामने सोमवार को तेज रफ्तार बाइक के धक्के से स्कूल के हेड मास्टर सुशील मरांडी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब सुशील मरांडी स्कूल के सामने सब्जी खरीद रहे थे। अचानक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे कई फीट दूर जाकर सड़क पर गिरे।बाइक पर सवार दो युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया। एक घायल युवक को मौके पर पहुंचे सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मंडल ने गश्ती वाहन से अस्पताल भिजवाया। दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर थाने भेजा गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जेबीसी स्कूल के सामने दोनों ओर मछली और सब्जी बाजार लगता है। इससे यह सड़क हमेशा व्यस्त रहती है। इसके बावजूद तेज रफ्तार बाइकिंग पर कोई रोक नहीं है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत की जाए। मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता विनोद क्षत्रिय और चंद्रमोहन दत्ता ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा में जटिलता क्यों है, जब यह इमरजेंसी के लिए है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि इस सेवा को सरल और जवाबदेह बनाया जाए। स्थानीय निवासियों और स्कूल स्टाफ ने प्रशासन से अपील की है कि स्टेशन रोड जैसे संवेदनशील इलाके में ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती हो। नाबालिग और लापरवाह बाइकर्स पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।


