तेरहवीं पर मृत्युभोज बंद, ब्राह्मण भोज और पिंडदान जारी रहेंगे:यादव समाज ने बैठक में लिया फैसला

उज्जैन यादव समाज धर्मशाला ट्रस्ट ने मंगलवार को निवानिया गांव में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाज ने मृत्युभोज की प्रथा को समाप्त करने का निर्णय लिया है। गांव के पूर्व सरपंच रामबाबू यादव ने इस पहल की शुरुआत की है। उन्होंने अपने पिता भागीरथ यादव के निधन पर मृत्युभोज न करने का फैसला किया। साथ ही पहले से छपवाए गए शोक पत्र को भी यादव समाज की जिला टीम को वापस कर दिया। ट्रस्ट अध्यक्ष रामगोपाल यादव ने ग्रामीणों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। समाज ने निर्णय लिया है कि अब केवल ब्राह्मण भोज और पिंडदान कार्यक्रम ही किए जाएंगे। तेरहवीं पर मृत्युभोज का आयोजन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। बैठक में उज्जैन धर्मशाला ट्रस्ट और राजगढ़ जिले के पदाधिकारी उपस्थित थे। इनमें ट्रस्ट अध्यक्ष रामगोपाल यादव, नेम सिंह यादव और राधेश्याम यादव प्रमुख थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। समाज के नेताओं ने पूरे जिले में इस पहल को अपनाने की अपील की है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *