तेलंगाना के नागरकुलम में 22 फरवरी को हुए टनल हादसे में लापता झारखंड के मजदूर अनुज साहू का अब तक कोई पता नहीं चला है। 81 दिन बीत जाने के बाद परिजनों ने उनके पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया। इससे दो दिन पूर्व तिर्रा निवासी मजदूर संतोष साहू के परिजनों ने भी पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के खम्भिया कुंबाटोली में श्मशान घाट पर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। पिता रामप्रताप साहू ने मुखाग्नि दी। मां गायत्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव के लोग शव यात्रा में शामिल हुए। 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया तेलंगाना सरकार ने हादसे वाले क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर शव की खोज बंद कर दी है। सरकार ने परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया है। अनुज के पिता ने कहा कि झारखंड सरकार से कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने अपने दूसरे बेटे को नौकरी दिलाने की मांग की है, ताकि बच्चे उनके पास रह सकें।


