महाकुंभ के लिए आज तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़े की पेशवाई निकली। एक हजार से ज्यादा साधु-संत हाथी, घोड़े, ऊंट और रथ पर सवार होकर निकले। ढोल नगाड़े, शंखनाद और पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। संतों के बीच नरमुंड की माला पहले नर-पिशाच के रूप में कलाकारों ने करतब दिखाए। कलाकारों ने त्रिनेत्र से आग के गोले छोड़े। यह नजारा देख लोग दंग हो गए। नरमुंड की माला पहनकर शिव बराती बने कलाकारों ने जमकर तांडव किया। अखाड़े के श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती ने बताया- यह पेशवाई बाघंबरी मठ के पास स्थित आनंद अखाड़ा परिसर से निकाली गई। अखाड़े में सबसे आगे धर्मध्वजा चली, जिस पर भगवान सूर्यदेव स्थापित हैं। इसके पीछे सिंहासन पर अखाड़े के ईष्ट भगवान सूर्य नारायण सवार थे। इसके बाद आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महराज का रथ था। इसके बाद पीछे महामंडेलश्वर चले। 4 तस्वीरों में देखिए पेशवाई पेशवाई के पल-पल के अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए


