थाईलैंड घूमने गए 2 दोस्तों की मौत:स्वीमिंग पूल में डूबने से हुई मौत, एक ग्लास पेंटिंग के लिए मशहूर था, दूसरे का शहर में है रेस्टोरेंट

जोधपुर से पत्नी-बच्चों के साथ थाईलैंड घूमने गए दो दोस्तों के साथ दर्दनाक हादसा हुआ। दोनों ही होटल के स्वीमिंग पूल में मृत पाए गए। दोनों कैसे डूबे? इस बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि वे नहाने के लिए पूल में उतरे थे। इनमें से कोई एक डूबने लगा तो दूसरा उसको बचाने के प्रयास में डूब गया। दोनों ही कारोबारी थे। अनिल कटारिया का रातानाडा क्षेत्र में जीमण रेस्टोरेंट है तो हरीश देवानी का रातानाडा में ही ग्लास पेंटिंग का वर्कशॉप है। दोनों की पत्नियां और बच्चे अभी थाईलैंड में ही हैं। परिजन शव लाने के लिए थाईलैंड रवाना हो गए हैं। आज शाम तक शव जोधपुर लाए जाने की संभावना है। हालांकि, परिवार की ओर से अभी तक इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। घटना एक दिसंबर की है। दोनों दोस्त चार-पांच दिन पहले थाईलैंड गए थे। हरीश शहर में रातानाडा क्षेत्र का रहने वाला है। जबकि उसके दोस्त के निवास स्थान के बारे में पता नहीं लग पाया। अनिल पत्नी के साथ डेढ़ साल के बेटे को भी ले गया था। बताया जा रहा है कि एक दिसंबर की शाम हरीश और अनिल शाम अपने-अपने रूम से होटल के स्वीमिंग पूल में नहाने के लिए निकले थे। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों वापस नहीं लौटे। इस पर दोनों की पत्नियां ढूंढने के लिए निकली। वे स्वीमिंग पूल में नहीं मिले तो आसपास में ढूंढा। जब कुछ पता नहीं चला तो होटल स्टाफ को जानकारी दी गई। सभी ने पहले अपने स्तर पर ढूंढा, फिर सीसीटीवी कैमरे चैक किए। तब दोनों स्वीमिंग पूल में डूबते नजर आए। इसके बाद दोनों के शव बाहर निकलवाए गए। परिजन गमगीन, शव आज आने की संभावना हरीश की पत्नी और अनिल की पत्नी व मासूम बेटा अभी तक थाईलैंड में ही है। सूचना मिलने के बाद जोधपुर से हरीश का बड़ा बेटा और अनिल का रिश्तेदार शव लेने के लिए थाईलैंड रवाना हो गए। दोनों वहां पहुंच भी गए हैं। बताया जा रहा है कि शव भारत लाने की औपचारिकता पूरी कर दी गई है। अब गुरुवार को दोनों दोस्तों के शव और उनके पत्नी-बच्चे के जोधपुर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हरीश और अनिल के घर में गमगीन माहौल है। हालांकि, अनिल के पिता को इस हादसे के बारे में जानकारी ही नहीं दी गई है। दोनों के ही परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों ने इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं की। ऐसे में हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजनों के थाईलैंड से लौटने के बाद ही कुछ पता लग पाएगा। दुनिया के चुनिंदा आर्टिस्ट में थे शुमार थे हरीश हरीश देवानी का मूल काम नंबर प्लेट्स और नाम बनाना था। वे ग्लास पेंटिंग के भी मशहूर कलाकार थे। वे कांच पर रेत से ब्लास्ट कर आकृतियां उकेरते थे। इस काम को विदेशों में भी खूब पसंद किया जाता था। कई विदेशी उनकी कला देखने के लिए जोधपुर आते थे। ट्रांसप्रिंट कांच पर आकृतियां उकेरने वाले वे विश्व के चुनिंदा कलाकारों में से एक थे। अपनी इस कला को दुनियाभर में पहुंचाने के लिए वे विदेशी स्टूडेंट्स की ऑनलाइन क्लास भी लेते थे।

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