भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी केंद्रीय सड़क अवसंरचना कोष (सीआरआईएफ) योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण और उन्नयन को लेकर दंतेवाड़ा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार से दंतेवाड़ा जिले को 17 करोड़ रुपये की राशि बारसूर–गीदम 19 किलोमीटर सड़क के रीनिवल के लिए मिली थी। इस कार्य को 15 माह की तय समय-सीमा में पूरा किया जाना था, लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद सड़क का काम आज तक अधूरा है। बारसूर–गीदम मार्ग दंतेवाड़ा को नारायणपुर जिले से जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के डामरीकरण के लिए केंद्र सरकार ने विशेष बजट स्वीकृत किया था, ताकि क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधर सके, लेकिन पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के चलते केंद्र की इस योजना पर ही बट्टा लग गया है। बैच मिक्स प्लांट की शर्त, फिर भी कैसे मिला टेंडर? : केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार इस सड़क के रीनिवल कार्य में बैच मिक्स प्लांट से डामरीकरण अनिवार्य था। चौंकाने वाली बात यह है कि दंतेवाड़ा जिले में किसी भी ठेकेदार के पास यह प्लांट उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद टेंडर कैसे स्वीकृत हुआ, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। नियमों के विपरीत टेंडर आवंटन की प्रक्रिया पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। एक बार निरस्त, फिर कैसे हुआ टेंडर स्टैंड? : काम समय पर शुरू नहीं होने और प्रगति शून्य रहने के कारण सड़क का टेंडर एक बार निरस्त भी किया जा चुका है। इसके बाद दोबारा टेंडर को स्टैंड कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक काम शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों को गलत प्रगति रिपोर्ट भेजकर टेंडर को दोबारा स्टैंड करवाया गया, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। जनता भुगत रही है लापरवाही का खामियाजा सड़क की बदहाली का खामियाजा रोजाना हजारों वाहन चालकों और स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि जब केंद्र सरकार समय पर फंड दे रही है, तो फिर दंतेवाड़ा पीडब्ल्यूडी तीन साल में भी एक सड़क क्यों नहीं बना पा रहा? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी। पीडब्ल्यूडी के ईई एसएल ठाकुर ने कहा टेंडर एक बार निरस्त हुआ था, ठेकेदार को फिर से नोटिस जारी कर रहे हैं।


