भास्कर न्यूज | लुधियाना सिविल लाइंस स्थित श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम में गुप्त नवरात्र के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास पं. शुभम तिवारी महाराज ने मां की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है तब उसे नियंत्रित करने के लिए ईश्वरीय शक्ति का प्राकट्य होता है। कथा के दौरान महाराज ने भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार और मधु-कैटभ वध के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सृष्टि के आरंभ में भगवान विष्णु के कान के मैल से मधु और कैटभ नामक असुर उत्पन्न हुए थे। इन असुरों ने जब ब्रह्मा जी से वेदों को छीन लिया तब ज्ञान का लोप होने लगा। महाराज ने भावपूर्ण शैली में बताया कि इन शक्तिशाली असुरों का अंत साधारण रीति से संभव नहीं था। अंततः आदि शक्ति की प्रेरणा और योगमाया के प्रभाव से भगवान विष्णु ने हयग्रीव अवतार धारण किया। मां भगवती ने अपनी माया से असुरों को भ्रमित किया जिसके बाद भगवान ने उनका संहार कर वेदों की पुनः स्थापना की। पं. शुभम तिवारी ने आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य के भीतर छिपे काम, क्रोध और लोभ रूपी मधु-कैटभ का अंत केवल भक्ति और पूर्ण समर्पण से ही संभव है। कथा के बीच भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम में शुभम मलिक, शकुंतला देवी, पारुल मलिक, मीरा और आशा माटा और अन्य सदस्यों ने व्यास पीठ का पूजन किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में गंगा डेवलपर्स के इंजीनियर भुवनेश महेंद्रु व उनकी टीम ने सहयोग दिया। यह कथा 27 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चलेगी। कथा के समापन पर विशाल भंडारा आयोजित होगा। पं. शुभम तिवारी सिविल लाइंस स्थित श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम में कथा सुनते श्रद्धालु।


