साल के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिम दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे अंचल में ठिठुरन बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार को दतिया प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां दिन का अधिकतम तापमान मात्र 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 8.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके चलते पूरे दिन ‘सीवियर कोल्ड डे’ जैसे हालात बने रहे। सुबह के समय घने कोहरे ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया। दृश्यता घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे और ठंड के कारण सुबह की दिनचर्या भी प्रभावित रही और लोग देर से घरों से बाहर निकले। रात के तापमान में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 5.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन की सबसे ठंडी रात रही
मौसम विभाग के अनुसार, यह इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। ठंड का असर खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों पर देखने को मिला। अलाव के सहारे लोग ठंड से बचते नजर आए, वहीं बाजारों में गर्म कपड़ों और हीटर की मांग भी बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात और सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है, जबकि दिन में धूप कमजोर रहने से तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। वहीं नए साल की शुरुआत मौसम में बदलाव के संकेत दे रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, नए साल के पहले या दूसरे दिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।


