दतिया जिला अस्पताल में बुधवार देर शाम उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक महिला एवं स्त्री प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने नसबंदी ऑपरेशन के लिए आई महिलाओं का ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि महिलाओं को भर्ती कर लिया गया था, एनेस्थीसिया के इंजेक्शन भी दे दिए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें ऑपरेशन थिएटर से बाहर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया, जबकि डॉक्टर अस्पताल से चली गईं। जानकारी के अनुसार दिनारा के जरगुंआ और भिंड जिले के आलमपुर की महिलाएं बुधवार को नसबंदी ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल पहुंची थीं। उनका ऑपरेशन ग्वालियर की डॉ. अनीता श्रीवास्तव को करना था। परिजनों का कहना है कि इससे पहले भी वे दो बार ऑपरेशन के लिए आ चुके हैं, लेकिन हर बार ऑपरेशन से मना कर दिया गया। डॉक्यूमेंट पूरे, इंजेक्शन लगे, फिर भी डॉक्टर ने किया इनकार परिजनों ने बताया कि बुधवार को ऑपरेशन की पूरी तैयारी कर ली गई थी। दस्तावेजों की पूर्ति हो गई थी और एनेस्थीसिया के इंजेक्शन भी लगाए जा चुके थे। दोनों महिलाएं ऑपरेशन थिएटर के अंदर भी पहुंच गईं, लेकिन इसके बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया और वहां से चली गईं। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ हंगामे की सूचना मिलने पर आरएमओ डॉ. डीएस तोमर और डॉ. एसएस तोमर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों की फाइल देखी और संबंधित डॉक्टर से भी चर्चा की। इसके बाद परिजनों को समझाइश दी गई। विशेषज्ञ सर्जन करेंगे ऑपरेशन, नाम और नंबर नोट किए अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन विशेषज्ञ सर्जन के माध्यम से ही किया जाएगा। विशेषज्ञ सर्जन सोमवार को ग्वालियर से आकर ऑपरेशन करेंगे। इसके बाद परिजन ऑपरेशन कराने के लिए तैयार हुए और हंगामा शांत हुआ। आरएमओ डॉ. डीएस तोमर ने कहा कि परिजन के नाम और नंबर नोट कर लिए गए हैं, उन्हें ऑपरेशन के लिए सोमवार को बुलाया जाएगा।


