दतिया में साल की विदाई घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुई। बुधवार सुबह से ही शहर और ग्रामीण अंचलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में दृश्यता घटकर 40 से 50 मीटर तक रह गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे कम तापमानों में शामिल है। सुबह के समय कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। हाईवे पर वाहनों की गति धीमी रही। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। ठंड और कोहरे के चलते कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा, जो धूप निकलने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हुआ। रबी फसलों पर ठंड और कोहरे का असर जिले में ठंड का असर कृषि कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। रबी फसल जैसे गेहूं, चना, सरसों और मसूर पर कोहरे और ठंड का मिला-जुला प्रभाव पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हल्का कोहरा और ठंड गेहूं के लिए लाभकारी है, क्योंकि इससे नमी बनी रहती है। पाले से सरसों और सब्जियों को नुकसान की आशंका विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक कोहरा और पाला पड़ने की स्थिति में सरसों और सब्जी की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और देर रात फसलों में हल्की सिंचाई करें, ताकि पाले से बचाव किया जा सके। सब्जियों की आवक प्रभावित, कीमतों में हल्की बढ़ोतरी ठंड के कारण आलू, टमाटर, मटर और हरी सब्जियों पर सीधा असर पड़ रहा है। सब्जी उत्पादक किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। बाजार में सब्जियों की आवक प्रभावित होने से कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। पशुपालकों को भी ठंड से बचाव के लिए पशुओं के बाड़ों को ढंकने और पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि पशु बीमार न हों। अगले कुछ दिन और बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक ठंड बनी रहेगी। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।


