दतिया में ठंड का पैटर्न अब पूरी तरह सेट हो चुका है। शनिवार की सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन में और इजाफा महसूस हुआ। उत्तरी दिशा से चल रही तेज और बर्फीली हवाओं ने वातावरण को और भी सर्द कर दिया। सुबह घरों से निकलते ही लोग स्वेटर, जैकेट, शॉल और टोपी जैसे गर्म कपड़ों में नजर आए। चाय-नाश्ते की दुकानों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखी गई, जबकि स्कूल व दफ्तर जाने वालों ने रास्ते में ठंड से बचाव के उपाय करते हुए सफर किया। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम है। दोपहर में धूप होने के बावजूद हवा की तेजी और ठंडक के कारण शरीर को गर्माहट महसूस नहीं हो सकी। न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री कम रहने के कारण सुबह और रात के पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 79 प्रतिशत आर्द्रता के चलते हवा में नमी बढ़ी, जिससे सर्दी का असर और तीव्र हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का प्रभाव अगले 2-3 दिनों तक बना रह सकता है। इससे रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि दिन का तापमान लगभग इसी स्तर पर रहने की उम्मीद है। किसी नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, इसलिए मौसम फिलहाल साफ लेकिन सर्द रहने वाला है। किसानों के लिए यह बदलाव फायदेमंद माना जा रहा है। रबी फसलों विशेषकर गेहूं, चना और मसूर की बढ़वार पर पिछले दिनों उच्च तापमान का असर पड़ा था। पारा नीचे आने से खेतों में नमी टिकेगी और फसलों को ठंडी जलवायु का लाभ मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान अगर इसी स्तर पर बना रहा तो बोवनी और फसलों की ग्रोथ को बड़ी राहत मिलेगी। उधर, शहर में ठंड बढ़ने के साथ गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। शाम होते ही लोग अलाव के आसपास इकट्ठा होकर गर्माहट लेते नजर आने लगे हैं।


