दतिया में पिछले पांच दिनों से बादल छाए हुए हैं और बारिश हो रही है। शुक्रवार रात 18.5 मिमी मावठा गिरा। इससे किसानों को 20 दिन तक अपनी फसलों को पानी नहीं देना पड़ेगा। रविवार सुबह हल्का कोहरा था, जिससे हाईवे पर विजिबिलिटी 100 मीटर तक रह गई। हालांकि, सुबह 10 बजे के बाद मौसम साफ हो गया। मौसम विभाग ने आज हल्की बारिश की संभावना जताई है। उनका कहना है कि उत्तर-पूर्वी हवा के कारण पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। आसमान साफ होने की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिक डॉ. डीपी दुबे के मुताबिक उड़ीसा के ऊपर एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवा का रुख दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी है। नमी भी आ रही है, जिससे 29 दिसंबर यानी आज भी बादल छाएंगे और बूंदाबांदी भी हो सकती है। 30 दिसंबर से आसमान साफ होगा, जिस कारण सर्दी और बढ़ेगी और कोहरे का दौर शुरू होगा। प्रदेश में यहां गिरे ओले
उज्जैन, रतलाम, बड़वानी, भिंड, मंदसौर, खरगोन, श्योपुर कला, मुरैना, शिवपुरी,विदिशा, रायसेन, सागर, पांडुर्णा,छतरपुर,टीकमगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। मौसम साफ होने के बाद छिड़कें यूरिया
कृषि वैज्ञानिक डॉ. विश्वनाथ कंसाना के अनुसार जो अभी बारिश हुई हैं, वो गेहूं, चना, मटर, सरसों के लिए अमृत के समान हैं। इस वर्षा के बाद किसान गेहूं में 15 से 20 किलो यूरिया प्रति बीघा का छिड़काव करें तो परिणाम अच्छे रहेंगे। यूरिया का छिड़काव मौसम साफ होने के दो तीन दिन बाद करें, और चने में शाखाओं की खुटाई करें। इससे उत्पादन में 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो सकती है। नहरों का पानी अब कम खर्च होगा। इसलिए यह बारिश किसानों के साथ फसलों के लिए भी अमृत समान है। पिछली साल की तुलना में ठंड कम
दिसंबर का अंतिम सप्ताह पिछले साल की तुलना में कम ठंडा रहा है। 2023 में 28 दिसंबर को दिन का पारा 17.2 डिग्री तक गिरा था। रात का 6.9 डिग्री दर्ज हुआ था। इस बार दिन का पारा 20.2 डिग्री व रात का 16.4 डिग्री दर्ज हुआ है। इस बार अब तक कोहरे ने भी दस्तक नहीं दी। जबकि साल 2023 में 24 दिसंबर को कोहरा ने दस्तक दे दी थी। 25 दिसंबर को घना कोहरा छा गया था।


