दतिया में भाजपा पार्षदों पर भूमि अतिक्रमण का आरोप:साधु-संतों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की

दतिया शहर के वार्ड क्रमांक-12 में शासकीय और आश्रम की भूमि पर अतिक्रमण के आरोप को लेकर शनिवार को बड़ा विवाद सामने आया। साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने भाजपा पार्षद बृजेश दुबे और दीपू यादव पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कलेक्टर बंगले पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। वार्ड क्रमांक-12 में उठा अतिक्रमण का मामला दतिया के वार्ड क्रमांक-12 में शासकीय एवं आश्रम की भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। साधु-संतों का आरोप है कि प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों द्वारा जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर बंगले पहुंचकर सौंपा ज्ञापन शनिवार को साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर बंगले पहुंचा। यहां उन्होंने पूरे मामले से प्रशासन को अवगत कराते हुए लिखित शिकायत सौंपी। ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान शंकर जी सहित अन्य देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर शासन की भूमि पर बनाए गए थे। इन मंदिरों का निर्माण उस समय के पटवारी द्वारा कराया गया था। वर्षों से चल रही सेवा-पूजा साधु-संतों का कहना है कि इन मंदिरों की वर्षों से नियमित सेवा-पूजा होती आ रही है। वर्तमान में आश्रम परिसर में बेसहारा गौवंश का संरक्षण भी किया जा रहा है। आरोप लगाया गया है कि आश्रम से लगी शासकीय भूमि पर भाजपा पार्षदों द्वारा जेसीबी मशीन चलवाकर जमीन को समतल किया जा रहा है और अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे हैं। आश्रम की बाड़ तोड़ने का आरोप साधु-संतों ने बताया कि इस दौरान आश्रम की बाड़ तोड़ दी गई, जिससे कड़ाके की ठंड में गौवंश सड़क पर भटकने को मजबूर हो गया। आरोप है कि जब साधु-संतों ने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। संतों का कहना है कि दबाव बनाकर उन्हें चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है। सत्ता का हवाला देकर डराने का दावा साधु-संतों का कहना है कि आरोपी पार्षद खुद को सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि बताकर खुलेआम धमकी दे रहे हैं और नगर पालिका क्षेत्र का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की बात कह रहे हैं। आश्रम 29वीं वाहिनी बटालियन के सामने, गड़रिया की चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। इस क्षेत्र में जमीन की कीमत अधिक होने के कारण अतिक्रमण का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने मांग की है कि शासकीय और आश्रम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और आश्रम व गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।

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