दतिया में रेप के दोषी 60 वर्षीय बुजुर्ग को उम्रकैद:5 साल की बच्ची के साथ किया था गलत काम

दतिया जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाले बच्ची से दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया। दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित परिवार को चार लाख रुपए का प्रतिकर देने के आदेश भी दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मंजूषा तेकाम की अदालत ने ग्राम जनौरी निवासी 60 वर्षीय सुरेश परिहार को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। आरोपी पर पांच साल की मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य (दुष्कर्म) करने का आरोप सिद्ध हुआ है। न्यायालय ने आरोपी पर 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। पैरवी करता वकील संचिता अवस्थी के अनुसार, 15 अगस्त 2024 को पीड़िता की मां खेत पर काम करने गई थी। घर पर बच्ची अपने दादा के साथ थी। इसी दौरान बच्ची दुकान से लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। शाम को जब परिवार खेत से लौटा, तब पड़ोस की बच्ची से मिली जानकारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद थाना जिगना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की। मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब सुनवाई के दौरान पीड़िता के माता-पिता अपने बयानों से पलट गए। बावजूद इसके, डीएनए रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभाते हैं। न्यायालय ने मध्यप्रदेश पीड़ित प्रतिकर योजना 2018 के तहत पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के आदेश दिए। अदालत ने माना कि मासूम बच्ची को जीवनभर इस आघात के साथ जीना होगा और राज्य का दायित्व है कि उसे हरसंभव सहायता दी जाए।

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