दतिया मेडिकल कॉलेज मार्ग पर सात साल से अंधेरा:जूडा ने डॉक्टरों-नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा के लिए स्ट्रीट लाइट मांगी

दतिया के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल तक जाने वाला रास्ता पिछले सात सालों से अंधेरे में है। इस सड़क पर अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है, जिससे यहां आने-जाने वालों को काफी परेशानी होती है। इस गंभीर समस्या को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने मंगलवार शाम जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जूडा पदाधिकारियों ने कलेक्टर दतिया को लिखित आवेदन देकर मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से अस्पताल तक की सड़क पर जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की। महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को होती है समस्या
जूडा ने बताया कि यह रास्ता रोजाना आपातकालीन ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों, इंटर्न चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। खासकर रात और देर शाम की ड्यूटी के दौरान इसी मार्ग से आना-जाना होता है। रास्ता अंधेरा और सुनसान होने के कारण महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को असुरक्षा महसूस होती है। संगठन ने कहा कि कॉलेज के हॉस्टल हाईवे और 29वीं बटालियन के पास स्थित हैं और अस्पताल तक पहुंचने के लिए यही एक मुख्य रास्ता है। इसके बावजूद इतने सालों से यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई। कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की मांग
जूडा पदाधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि रात में इमरजेंसी कॉल पर जाते समय डॉक्टरों और स्टाफ को इसी अंधेरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे डर बना रहता है। संगठन ने मांग की है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर जल्द से जल्द स्थायी प्रकाश व्यवस्था की जाए। आवेदन देने के दौरान जूडा अध्यक्ष डॉ. सुशील सिहारे, उपाध्यक्ष डॉ. अलीशान फेमिना और डॉ. योगराज जोशी, सचिव डॉ. धर्मेंद्र सिंह तथा डॉ. ध्रुव अग्रवाल मौजूद रहे। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

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