दमोह के हटा वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने जंगली सुअर का शिकार करते हुए बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है। उनके पास से बड़ी मात्रा में देसी बम, जंगली सूअर का मांस और एक इंडियन सीवेज टाइटल कछुआ बरामद किया गया। यह कार्रवाई दहा बीट में की गई। गुरुवार शाम वन परिक्षेत्र अधिकारी ऋषि तिवारी और एसडीओ एमडी माणिक पुरी ने इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ग्राम दहा बीट प्रभारी हरीश तंतवाय पीएफ 343 के चड़वा बारी इलाके में बाघ गणना कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ हलचल महसूस हुई। जब बीट प्रभारी ने आवाज दी, तो शिकारी भागने लगे। हरीश तंतवाय ने चौकीदार मोहन और नन्नाई आदिवासी की मदद से घेराबंदी कर दोनों शिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में पकड़े गए शिकारियों ने अपनी पहचान दिलक्शन (42 वर्ष) पुत्र बड़े भाई पारदी और भूपेंद्र (24 वर्ष) पुत्र दिलक्शन आदिवासी के रूप में बताई। वे ग्राम भिलोनी टपरिया, फतेहपुर चौकी, थाना मगरोंन के निवासी हैं। मांस बेचते थे दोनों रेंजर ने जानकारी दी कि आरोपी चूड़ियां बेचने का काम करते हैं। वे बिहार से देसी हथगोले लाकर जंगल में अलग-अलग स्थानों पर रख देते थे। जंगली सुअर के चबाते ही ये बम फट जाते थे, जिसके बाद वे सूअर को फंदे से पकड़कर उसका मांस बेच देते थे। आरोपियों के कब्जे से एक बल्लम, कुल्हाड़ी, एक इंडियन सीवेज टाइटल कछुआ (वन्य जीव) और दर्जनों देसी बम बरामद किए गए हैं। उनके विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इस संबंध में नजदीकी पुलिस थाने को भी सूचित कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।


