दलित बेटी को अगवा करने वाले को जेल भेजा:मेरठ में मां की हत्या कर उठा ले गया था; बोला- लड़की अपनी मर्जी से गई थी

मेरठ में मां की हत्या कर बेटी को किडनैप करने वाले को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। रविवार शाम पुलिस स्पेशल सीजेएम विकास सावन की कोर्ट में पारस के बयान दर्ज कराने पहुंची। पारस मफलर से मुंह बांधकर और चादर ओढ़कर कोर्ट पहुंचा। उसने जज के सामने कहा- मैंने कोई हत्या नहीं की है। मुझे बचा लीजिए। हमारा रिश्ता सच्चा है। रूबी अपने मर्जी से मेरे साथ गई थी। हमारा रिश्ता 3 साल से चल रहा था। हमारा रिश्ता सच्चा है। मैं निर्दोष हूं। वहीं, रूबी को एसीजेएम- 2 नम्रता की कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे काउंसिलिंग के लिए भेजा गया है। इस दौरान कचहरी परिसर में पुलिस फोर्स तैनात रही। मौके पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक और सीओ सरधना आशुतोष भी मौजूद रही। रूबी के गांव में भी फोर्स तैनात है। देखें 2 तस्वीरें वहीं, कपसाड़ गांव में अगवा की गई रूबी के केस में नई कहानी सामने आई है। पकड़े गए युवक पारस के अनुसार, दोनों का 3 साल से अफेयर चल रहा था। हाल ही में रूबी का रिश्ता कहीं और तय हो गया था। इसके बाद दोनों ने घर से भागने का प्लान बनाया। पुलिस ने शनिवार देर शाम सहारनपुर से रूबी और पारस सोम को अरेस्ट किया था। इसके बाद दोनों को मेरठ लाया गया था। दरअसल, 8 जनवरी (गुरुवार) को लड़की मां सुनीता के साथ खेत जा रही थी। रास्ते में पारस ने उसको रोका। मां ने इसका विरोध किया तो पारस ने गाली-गलौज कर फरसे से हमला कर मां की हत्या कर दी। इसके बाद लड़की को अगवा करके दिल्ली ले गया। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जब परिवार ने मां का अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि, काफी मान-मनौव्वल पर घरवाले वारदात के 30 घंटे बाद माने। इसके बाद अंतिम संस्कार हो सका। पढ़िए पारस रूबी को किडनैप करके कहां ले गया… कपसाड़ से खतौली, फिर दिल्ली और गुरुग्राम पहुंचे
8 जनवरी को सबसे पहले पारस रूबी को लेकर अपनी रिश्तेदारी में खतौली ले गया। इसी दौरान रूबी को अपनी मां सुनीता की मौत की खबर मिली। इसके बाद दोनों दिल्ली चले गए। दिल्ली में एक होटल में रात बिताई। इसके बाद 9 जनवरी को गुरुग्राम में पारस अपने एक दोस्त के पास रुका। पारस मीडिया के जरिए गांव के हालात पर नजर रखे था। गांव का माहौल बिगड़ता देख वह रूबी को लेकर 9 जनवरी को गुरुग्राम से ट्रेन से सहारनपुर पहुंच गया। बहन के घर रुके, हरिद्वार जाते समय पकड़े गए
सहारनपुर के टपरी गांव में पारस की बहन रहती है। बहन के घर ही दोनों ने शुक्रवार रात बिताई। शनिवार (10 जनवरी) को वे हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए। इसी दौरान पारस ने दूसरे यात्री के फोन से झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र को फोन कर अपने परिवार की जानकारी ली। राजेंद्र के पास ही पारस नौकरी करता था। पारस का मोबाइल सर्विलांस पर था। कॉल मिलते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया। रुड़की में घेराबंदी कराई गई। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात फोर्स के साथ रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां ट्रेन पहुंचते ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया। शनिवार शाम 6:15 बजे हरिद्वार पुलिस ने हिरासत में लिया। मेरठ से एसपी सिटी की टीम मौके पर पहुंची। देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ ले आई। पुलिस कस्टडी में कबूला प्यार का मामला
पुलिस कस्टडी में पारस सोम ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान तीन साल पहले रूबी से उसका प्रेम संबंध शुरू हुआ था। दोनों ने साथ भागने का फैसला आपसी सहमति से किया था। क्योंकि, परिवार रूबी की शादी कहीं और तय कर चुका था। उधर, पुलिस शनिवार देर रात तक हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी में जुटी रही। रुबी को आशा ज्योति केंद्र में महिला पुलिस की कस्टडी में रखा गया है। बताया जा रहा कि दोनों को सुनीता हत्याकांड में आरोपी बनाया जाएगा। रूबी के बयानों को आधार बनाते हुए मुकदमे में अन्य धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए शुक्रवार और शनिवार को क्या-क्या हुआ युवती दलित परिवार से है और आरोपी राजपूत समाज से, इसलिए राजनीतिक माहौल गरमा गया। सपा विधायक अतुल प्रधान शुक्रवार को गांव जा रहे थे तो पुलिस ने उनको रोक दिया, धक्का-मुक्की हुई। वह धरने पर बैठ गए। कई अन्य दलों के नेता भी गांव में पहुंचना शुरू हो गए। करीब ढाई घंटे के धरने के बाद प्रधान को पुलिस ने मिलने की इजाजत दी। पीड़ित परिवार से करीब 1 घंटे तक प्रधान ने बातचीत की। इसके बाद पंचायत भवन में पीड़ित पिता और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच प्रधान की मौजूदगी में वार्ता हुई। ——————— ये खबर भी पढ़ें… सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका तो धक्का-मुक्की, मेरठ जाने के लिए कार छोड़कर बाइक पर बैठे मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। डिवाइडर फांदकर हाईवे की ओर बढ़े तो भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने उन्हें रोका। पढ़ें पूरी खबर…

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