दलित युवक बोला समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहा:उधार के रूपये मांगने पर मेरा सिर, मूछें और भौहें मुड़वाई, मुंह काला किया

यूपी के बरेली में उधार के रूपये मांगने पर जिस दलित युवक के साथ हैवानियत की गई थी, दैनिक भास्कर उसके गांव पहुंचा। हमने ग्राउंड जीरो पर जाकर उसका हाल जाना। पीड़ित पप्पू दिवाकर एक टूटे-फूटे घर में रहकर गुजर बसर कर रहा है। इस घटना के बाद वो अपने घर से बाहर नहीं निकल रहा है। उसका कहना है कि वो समाज में कही मुंह दिखाने लायक नहीं रह गया है। लोग उसे ताने देते है। दैनिक भास्कर ने की पड़ताल
दैनिक भास्कर की टीम जब बरेली के बहेड़ी स्थित पीड़ित पप्पू दिवाकर के गांव पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। पीड़ित एक टूटे-फूटे घर में अपनी जिंदगी काट रहा है और इस घटना के बाद से गहरे सदमे में है। पप्पू का कहना है कि वह अब समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचा है और लोग उसे हर वक्त ताने देते हैं, जिसके कारण उसने खुद को घर में कैद कर लिया है। मजदूरी के पैसों का खौफनाक अंजाम
पप्पू दिवाकर मजदूरी और अपने खेत बेचकर जमा किए गए पैसों से परिवार का गुजारा करता था। उसने आरोपी चंद्रसेन पर भरोसा कर उसे 4 लाख रुपये उधार दिए थे, लेकिन जब उसने अपने घर की मरम्मत के लिए पैसे वापस मांगे, तो उसे बेरहमी का शिकार होना पड़ा। दबंगों ने न केवल उसे पीटा, बल्कि उसका सिर, मूंछें और भौहें मुंडवाकर, चेहरा काला कर उसे गांव से खदेड़ दिया। भास्कर की खबर का असर और मुकदमा
दैनिक भास्कर को जब इस हैवानियत का वीडियो मिला, तो हमने इस खबर को प्रमुखता से उठाया। घटना के एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस मौन थी, लेकिन मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित की आपबीती और इंसाफ की गुहार
पप्पू दिवाकर ने रोते हुए बताया कि चंद्रसेन को उसने 4 लाख रुपये उधार दिए थे। जब उसने अपनी जरूरत के लिए पैसे मांगे, तो आधा दर्जन लोगों ने मिलकर उसे अपमानित किया। दबंगों ने उसे धमकी दी कि वह जो चाहे कर ले, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। अब पीड़ित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने मेहनत के पैसे वापस चाहता है। चुनावी रंजिश में एक महीने बाद वीडियो वायरल
इस पूरी घटना के पीछे अब ग्राम पंचायत चुनाव की राजनीति भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वीडियो एक महीने पुराना है, जिसे जानबूझकर अब वायरल किया गया है। चुनाव नजदीक आते ही विरोधियों को घेरने के लिए इस फुटेज का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है ताकि राजनीतिक समीकरण साधे जा सकें। तंत्र-मंत्र और पैसों के लेनदेन का विवाद
ग्रामीणों का दावा है कि पप्पू दिवाकर पूर्व प्रधान चंद्रसेन के घर रहकर तंत्र-विद्या करता था। चर्चा है कि उसने संतान प्राप्ति का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये जुटाए थे, जिनमें से 4 लाख रुपये उसने चंद्रसेन को ट्रैक्टर खरीदने के लिए दिए। इसी रकम के विवाद और ग्रामीणों के दबाव के चलते उस समय यह पंचायत बैठी थी। राजनीतिक लाभ के लिए घटना को मिला तूल
स्थानीय लोगों का मानना है कि घटना के समय पप्पू को जब गांव से निकाला गया, तो वह शर्मिंदगी के कारण खेत में छिपा रहा और चुपचाप चला गया। उसे तब कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन अब राजनीतिक रंजिश के चलते इस मामले को दोबारा तूल दिया गया है ताकि आगामी चुनाव में पूर्व प्रधान की छवि खराब की जा सके। युवती से नजदीकी बनी विवाद की जड़
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व प्रधान के घर रहने के दौरान पप्पू की एक युवती से नजदीकी बढ़ गई थी। इस बात का खुलासा होने पर गांव वाले आक्रोशित हो गए और प्रधान पर दबाव बनाया। इसी के परिणाम स्वरूप सजा के तौर पर उसका सिर मुंडवाकर और कालिख पोतकर उसे बाहर निकाला गया था, जिस पर उस समय ग्रामीणों की आपसी सहमति थी।

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