भोपाल के कोलार रोड थाना क्षेत्र में खेलते समय 10 साल की बच्ची रिया रजक की रहस्यमयी मौत का राज अब सामने आने लगा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रिया की मौत फायर आर्म्स (गोली) लगने से हुई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि दशहरा के दिन किसी ने लाइसेंसी राइफल से फायर किया था, जिसकी एक गोली उड़ते हुए रिया को जा लगी। पोस्टमॉर्टम से चला मौत का पता पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे रिया रजक (पिता सुनील रजक), निवासी शशि हाइटेक सिटी, राजहर्ष कॉलोनी कोलार रोड, घर के बाहर खेल रही थी। तभी अचानक उसके कंधे पर चोट लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन तुरंत उसे जे.के. अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान शाम करीब 4:55 बजे उसकी मौत हो गई। शुरुआत में डॉक्टरों को गोली लगने के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले थे, इसलिए मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। अगले दिन गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि रिया की मौत फायर आर्म इंजरी से हुई है और उसके शरीर से .315 बोर का बुलेट बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 105 (उपेक्षापूर्ण तरीके से जानलेवा कार्य करना) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने जब्त किए राइफल और कारतूस वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने एफएसएल अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और गोली की दिशा का विश्लेषण कराया। इसके बाद कोलार और शाहपुरा थाना क्षेत्र के करीब 5 किलोमीटर दायरे में .315 बोर राइफल के सभी लाइसेंसधारकों की सूची जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक मकान में दशहरा पूजन के दौरान लाइसेंसी राइफल से फायर किया गया था। पुलिस ने 3 अक्टूबर को संबंधित व्यक्ति से राइफल और फायर किए गए कारतूस जब्त कर लिए हैं। अब पुलिस ने जब्त की गई राइफल, कारतूस और रिया के शरीर से निकली गोली को एफएसएल सागर भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। थाना प्रभारी ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट से यह तय होगा कि जब्त की गई राइफल से चली गोली ही रिया की मौत का कारण बनी या नहीं। मामले की जांच जारी है।


