दाढ़ी-खंडसरा सड़क खराब, यात्री बसों की संख्या 5 से घटकर 2 हुई

भास्कर न्यूज|दाढ़ी नवागढ़ विधानसभा अंतर्गत आने वाले दाढ़ी से ग्राम खंडसरा 15 किलोमीटर लंबी सड़क खराब हो गया है। स्थिति अब ऐसी हो गई है कि इस सड़क में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लोक निर्माण विभाग व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। लेकिन सड़क के नवीनीकरण कार्य तो दूर मरम्मत तक नहीं किया जा रहा है। इस सड़क के दोनों और बसे गांव के ग्रामीणों को बेमेतरा, कवर्धा, रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर समेत अन्य क्षेत्र की ओर जाने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क खराब होने का सबसे ज्यादा असर यात्री बस पर पड़ा है। क्योंकि, इस मार्ग से कोरोना काल के पहले करीब 5 बसें चलती थी, जो दिन भर में 10 फेरे लगाते थे। आज ये स्थिति है कि मात्र दो बसें इस रूट पर चल रही हैं। सड़क मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण यात्री बसों की संख्या घट गई है। दाढ़ी निवासी तुलसी राम साहू ने बताया कि खंडसरा मार्ग किनारे बसे गांव वाले अब सामान खरीदने दाढ़ी तक नहीं आ पा रहे हैं। यहां जल्द ही सड़क निर्माण किया जाना चाहिए। 40 साल पहले सड़क का किया गया था निर्माण पूर्व सरपंच मेघराज भारतीय ने बताया कि लगभग 40 वर्ष पूर्व सड़क का प्रथम बार निर्माण लोक निर्माण विभाग के माध्यम से हुआ था। इसके बाद एक भी बार सड़क का ठोस नवीनीकरण व नए सिरे से निर्माण कार्य नहीं हुआ। यहीं कारण है कि सड़क किनारे बसे गांव वालों को आने जाने के लिए अन्य या फिर निजी साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली व कॉलेज में पढ़ाई करने वाले बच्चों को होती है। क्योंकि, ये बच्चे बसों में सफर कर बेमेतरा, दाढ़ी, नवागढ़, दुर्ग तक आना-जाना करते थे। लोनिवि से पीएमजीएसवाई में शामिल हुई यह सड़क कई वर्ष तक लोक निर्माण विभाग में यह सड़क शामिल थी। इस बीच कुछ-कुछ काम इस सड़क में होती रही लेकिन, वो भी आधा-अधूरा। बीते करीब 10 वर्ष से इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) इकाई बेमेतरा को हस्तांतरित कर दिया। इसके बाद से सड़क निर्माण कार्य अब ग्रामीण क्षेत्र का होकर रह गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में उपरोक्त सड़क के स्थानांतरित होने के उपरांत से पूरी तरह से जर्जर होकर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग को कई बार जानकारी दी गई।

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