गुना जिले के चांचौड़ा में पुलिस ने दादा को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी पोते को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पैसों की मांग को लेकर अपने पिता के साथ मिलकर दादा की जमकर पिटाई की थी। इससे आहत होकर बुजुर्ग ने जहर खा लिया था और अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। आरोपी पिछले 21 महीने से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। घटना 20 मार्च 2024 की है। ग्राम कोलुआ निवासी फूसीलाल अहिरवार (78) ने बीनागंज अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को बयान दिया था। उन्होंने बताया था कि उनके बेटे जगदीश अहिरवार और नाती बृजेश अहिरवार ने पैसों की मांग को लेकर उनके साथ मारपीट की। अपने ही बेटे-पोते द्वारा की गई मारपीट से मानसिक रूप से आहत होकर उन्होंने सल्फास की गोली खा ली। पुलिस ने शिकायत पर जगदीश और बृजेश के खिलाफ केस दर्ज किया था। इलाज के दौरान हुई थी मौत
जहर खाने के बाद 21 मार्च 2024 को इलाज के दौरान फूसीलाल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं बढ़ा दीं। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी जगदीश अहिरवार (बेटे) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन नाती बृजेश फरार हो गया था। गांव छोड़कर भाग गया था आरोपी
एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपी बृजेश अहिरवार (23) पुलिस से बचने के लिए गांव छोड़कर कहीं और रहने लगा था। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर उसकी लोकेशन का पता लगाया। सटीक सूचना मिलने पर चांचौड़ा पुलिस ने 21 महीने से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


