दिग्विजय सिंह की सीहोर में आज से पदयात्रा:मनरेगा का नाम बदलने का विरोध; प्रदेश में कांग्रेस करेगी जी राम जी बिल के खिलाफ प्रदर्शन

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मनरेगा का नाम बदलने के विराेध में सड़कों पर उतरेंगे। वे सोमवार को सीहाेर जिले से पदयात्रा शुरू करेंगे। दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया है कि यात्रा सीहोर की किसी ग्राम पंचायत से शुरू होगी। दरअसल, केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G-RAM-G) करने जा रही है। लोकसभा में इससे जुड़ा बिल भी पास हो चुका है। कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। देश के अन्य राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में भी आज प्रदर्शन और विरोध जताया जाएगा। गांधीजी का नाम मिटाना चाहती है सरकार
योजना का नाम बदले जाने का कांग्रेस तीखा विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि योजना से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाकर सरकार राष्ट्रपिता का अपमान कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस 2025 के राजनीतिक एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने जा रही है। पार्टी मानती है कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाना उस भारत की आत्मा को ठेस पहुंचाना है जो सत्य, श्रम और समानता पर खड़ा है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सरकार गांधी जी का नाम मिटाने की साजिश कर रही है। जिसके खिलाफ यह आंदोलन किया जाएगा। यह पदयात्रा तब तक रुकेगी नहीं, जब तक सरकार गांधी के नाम को वापस नहीं लाती। जानिए क्या है जी राम जी बिल शिवराज बोले- मनरेगा नहीं, भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम
दूसरी ओर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को दिल्ली में कहा है कि कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ वास्तव में ‘भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम’ है। कांग्रेस के पेट में दर्द यही है कि अब भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि कांग्रेस हमेशा विकास का विरोध करती रही है। कांग्रेस को ग्राम से परेशानी, कांग्रेस को काम से परेशानी, कांग्रेस को राम से परेशानी है। ये ही उनके राजनीतिक डीएनए की पहचान है। यह खबर भी पढ़ें… ग्राम, काम और राम से कांग्रेस को परेशानी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। कांग्रेस के पेट में दर्द यही है कि अब भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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