भास्कर संवाददाता | सीकर शेखावाटी में रविवार को दिन का तापमान 30 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज हुआ। यानी दिन व रात के तापमान में 22 डिग्री का अंतर है। इन दिनों दिन में तीखी धूप और रात को ठंडक बनी हुई है। इस मौसम का असर बच्चों व बुजुर्गों की सेहत पर भी पड़ रहा है। तापमान में इतने ज्यादा अंतर का सबसे ज्यादा असर 2 से 8 साल तक के बच्चों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। जनाना अस्पताल की ओपीडी 200 तक पहुंच गई है। वहीं, एसके अस्पताल की मेडिसिन और श्वसन रोग ओपीडी में भी मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। मेडिसिन ओपीडी में रोज 700 व श्वसन रोग ओपीडी में 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है वायरल मौसम बदलने से बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा चपेट में आ रहे है। बीमार बच्चों में बुखार के साथ ही खांसी-जुकाम, निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, गले में दर्द और खराश व नाक बहने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ये वायरल फैलता है। अस्पताल में रोज आ रहे 200 से अधिक शिशुओं में से 10 से 15 को भर्ती करना पड़ रहा है। बुजुर्गों में वायरल और बैक्टीरियल निमोनिया डिटैक्ट हो रहा है। 20 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू करना पड़ रहा है। ^टेम्प्रेचर वेरिएशन का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। वायरल, खांसी-जुकाम और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या ज्यादा है। निमोनिया के मामले भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया है। डॉ. एसएन बिजारणिया, शिशु रोग विशेषज्ञ जनाना अस्पताल ^दमा और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। श्वसन रोग ओपीडी में रोज 150 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। वायरल और बैक्टीरियल निमोनिया डिटैक्ट हो रहा है। गंभीर मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। डॉ. प्रहलाद दायमा, चेस्ट फिजिशियन एसके अस्पताल


