दिल्ली के जनकपुरी में मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में FIR में कहा गया है कि साइट पर कोई वॉर्निंग साइन, बैरिकेड या लाइटिंग नहीं थी। कोई गार्ड तैनात भी नहीं किया गया था। FIR में कहा गया है कि गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ दिया गया था। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में कंस्ट्रक्शन साइट के एक सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को घंटों पहले ही दुर्घटना के बारे में बता दिया गया था, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को कहा कि सरकार ने इस मामले में लापरवाही के शक में सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। FIR में कहा गया- ठेकेदार को पता था ऐसा हो सकता है जनकपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है दिल्ली जल बोर्ड और उसके ठेकेदार को यह अच्छी तरह पता था कि सार्वजनिक सड़क पर सुरक्षा उपायों के बिना खुला गड्ढा छोड़ने से कोई व्यक्ति गिर सकता है और उसकी जान जा सकती है। FIR की मुख्य बातें… पुलिस को एक महिला का PCR कॉल आया, जिसने बताया कि एक बाइक सवार लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया है और उसे तुरंत मदद की जरूरत है। सब कॉन्ट्रैक्टर को गार्ड ने सूचना दी थी पुलिस ने बताया कि साइट के सब कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति के यहां काम करने वाले सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक जूनियर स्टाफ को बताया था कि एक व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है। इसके बाद जूनियर स्टाफ सदस्य ने रात करीब 12.22 बजे प्रजापति को फोन किया और उसे मौके पर पहुंचने के लिए कहा। अधिकारियों ने बताया कि प्रजापति बाद में साइट पर पहुंचा और गड्ढे के अंदर एक मोटरसाइकिल देखी, लेकिन उसने अंदर जांच नहीं की या कोई और कदम नहीं उठाया। दिल्ली सरकार के मंत्री बोले- हमारा दुख मृतक को वापस नहीं ला सकता दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद ने घटना के बारे में दुख जताते हुए कहा कि हमारा दर्द और दुख उस आदमी को वापस नहीं ला सकता। उन्होंने कहा कि मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवासियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए, हम दोनों दिशाओं में एक ही लेन पर ट्रैफिक के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। सड़क की मरम्मत में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस, नगर निगम, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DJB और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त निरीक्षण किया गया।


