भरतपुर कलेक्ट्रेट के बाहर आज दिव्यांगों ने सरकार के लिए भीख मांगी। दिव्यांग पेंशन नहीं आने से नाराज हैं। सभी दिव्यांगों का कहना है कि भीख मांगकर जो पैसे इकट्ठे होंगे, उन्हें सरकार के राजकोष में देंगे। जिससे सरकार के राजकोष में वृद्धि हो। दिव्यांग राकेश ने बताया कि सरकार के राजकोष के लिए आज सभी दिव्यांगों ने भीख मांगी है। सरकार दिव्यांगों के लिए कोई सुविधा नहीं दे रही है। दिव्यांग लोगों की पेंशन 1150 रुपए आती है। वह भी पेंशन समय पर नहीं आती है। 1150 रुपए से क्या होता है। इससे अच्छा तो सरकार दिव्यांग लोगों के लिए पेंशन बंद कर दे। सरकार हम लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा दे। कुछ दिव्यांग लोग प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर लग रहे हैं, जो दिव्यांग पढ़े लिखे हैं। उन्हें नौकरी मिलनी चाहिए। 1150 रुपए हमें पेंशन के रूप में भीख की तरह दी जाती है। अगर कर्मचारी की 1 दिन की तनख्वाह नहीं आती तो हाहाकार हो जाता है जबकि हमारी 6-6 महीनों की पेंशन नहीं आती है। हम लोग पेंशन को लेकर बहुत दुखी रहते हैं। 1150 रुपए पेंशन के लिए हमें विभागों के 11 सौ चक्कर काटने पड़ते हैं। हमारे कागजों में कोई न कोई कमी निकाली जाती है। हम आज इसलिए भीख मांग रहे हैं। भीख मांगकर जो पैसे इकट्ठे होंगे उन्हें राजकोष में देंगे। जिससे राजकोष की वृद्धि हो। सरकार दिव्यांगों के बारे में सोचे। हमें रोजगार उपलब्ध करवाए जाएं।


