भास्कर न्यूज | अमृतसर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के मार्गदर्शन में दुर्ग्याणा मंदिर स्थित वेद कथा भवन में आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी रजनी ने संगत को मानव जीवन के गूढ़ अर्थों- आत्मिक जागृति के मार्ग से लोगो को परिचित करावाया। साध्वी ने अपने प्रवचनों में स्पष्ट किया कि आध्यात्मिकता केवल रस्मों या बाहरी परंपराओं के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करुणा, अनुशासन, निष्काम सेवा और आंतरिक जागरूकता के साथ जीने की एक कला है। उन्होंने एक सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार प्रकाश स्वतः ही अंधकार को दूर कर देता है, उसी प्रकार ब्रह्मज्ञान और ध्यान की साधना मन में बसे संदेह, भय और नकारात्मकता को समूल नष्ट कर देती है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रचारकों द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर और भक्तिमय भजनों ने पूरे वातावरण को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। संगीत की लहरों और आध्यात्मिक विचारों के संगम ने श्रद्धालुओं को आंतरिक सुख की गहरी अनुभूति कराई। इस समागम का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को ध्यान और आत्मिक अभ्यास के माध्यम से उसके भीतर विद्यमान दिव्यता से जोड़ना था। कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह को आत्म-चिंतन और आंतरिक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। अंत में प्रभु की आरती के साथ इस आध्यात्मिक कार्यक्रम संध्या का समापन हुआ।


