इस बार दीपावली से पहले प्रदेश के सरकारी सीनियर सैकंडरी स्कूलों में रंग-रोगन होगा। इतना ही नहीं कहीं मरम्मत की जरूरत है तो मरम्मत भी होगी। राज्य सरकार ने इसके लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया है, बल्कि स्टूडेंट्स डवलपमेंट फंड से पंद्रह हजार से दो लाख रुपए तक उपयोग करने की स्वीकृति के आदेश जारी किए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन स्कूलों में स्टूडेंट्स डवलपमेंट फंड आता है। खाते में राशि जमा है। वहां पंद्रह हजार रुपए से दो लाख रुपए तक के उपयोग की स्वीकृति जारी की जा रही है। इस राशि से दीपावली पूर्व स्कूलों में रंगरोगन करवाया जाएगा। आवश्यक मरम्मत कार्य भी इसी राशि से करवाया जा सकता है। इसके साथ ही स्कूल के बाहर मेन गेट पर स्कूल का नाम नए सिरे से लिखवाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्कूल में पेंटिंग भी करवाई जाएगी, ताकि दीवारें आकर्षक लगें। चार अक्टूबर को ही शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने एक मीटिंग में इस संबंध में निर्देश दिए थे। जिसकी पालना करते हुए उसी दिन एक आदेश जारी किया गया है। सभी स्कूलों में एक जैसा रंग आदेश के साथ ही एक स्कूल फोटो भेजा गया है, वेसा ही रंगरोगन पूरे प्रदेश के स्कूलों में होगा। साथ ही एक प्राइवेट कंपनी के कलर कॉम्बिनेशन की डिटेल जानकारी दी गई है। इसमें दीवारें प्योर आईवोरी रंग की होगी। ये एक क्रीम रंग है जो हल्का और क्रीम जैसा दिखता है, जिसमें थोड़ी ऑफ-व्हाइट या हल्के पीले रंग का शेड हो सकती है। छत सफेद रंग की होगी। खिड़कियां और दरवाजों का रंग नट ब्राउन होगा। मेन गेट की डिजाइन भी पूरे प्रदेश में एक जैसी करने की तैयारी है। इसके लिए स्कूल के नाम के नीचे आसमानी रंग का बेस दिया जाएगा। उसके ऊपर लाल रंग से नाम लिखा जाएगा।


