दुबई से डिपोर्ट हुए 8 पंजाबी युवक:तीन महीने की सेलरी नहीं दी, 11 दिन जेल में रखा; एनजीओ ने कराया घर वापस

दुबई से डिपोर्ट किए गए 8 पंजाबी युवकों को सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट ने सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया है। ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय ने इन युवकों की मदद की। कपूरथला से आत्मा सिंह और जालंधर से विजय कुमार, हरबंस लाल, गगन कुमार, विजय कुमार, गगन कुमार, बग्गा प्रकाश और अजय कुमार को उनकी कंपनी ने धोखा दिया। कंपनी ने तीन महीने की तनख्वाह नहीं दी। युवकों ने जब विरोध किया तो उनके कमरे की बिजली काट दी गई। पीड़ित युवकों ने दुबई की लेबर कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट ने उन्हें पुलिस के पास भेज दिया। पुलिस ने उन्हें 11 दिन जेल में रखा और फिर डिपोर्ट कर चेन्नई भेज दिया। डॉ. ओबरॉय ने इन युवकों की चेन्नई से अमृतसर तक की हवाई टिकट कराई। विदेश जाने से पहले कंपनी की जांच करें : डा. ओबरॉय ट्रस्ट के पंजाब प्रधान सुखजिंदर सिंह हेर और जनरल सचिव मनप्रीत सिंह संधू ने अमृतसर हवाई अड्डे से युवकों को उनके घर तक पहुंचाया। डॉ. ओबरॉय ने युवकों को सलाह दी कि विदेश जाने से पहले कंपनी और वीजा की पूरी जानकारी जरूर लें। इससे विदेश में परेशानियों से बचा जा सकता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उस समय हमारे पास एक भी पैसा और सामान नहीं था। इस बारे जब हमने दोबारा डॉ. ओबरॉय से फोन पर बात की तो उन्होंने तुरंत हमें अमृतसर तक हवाई टिकटें दिलाने के अलावा हवाई अड्डे से घरों तक पहुंचाने के लिए गाड़ी का भी प्रबंध किया। जिसके लिए हम डॉ. ओबरॉय का इस कठिन घड़ी में बड़ी मदद करने के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं। इस दौरान पीड़ित नौजवानों ने भी विदेश जाने के इच्छुक नौजवानों से अपील की कि वे कंपनी की पूरी तरह जांच पड़ताल करके ही जाएं, क्योंकि हम नहीं चाहते कि किसी और को हमारी तरह मानसिक परेशानी झेलनी पड़े।

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