भास्कर एक्सक्लूिसव दुर्गा पूजा को एक महीने शेष बचे हैं। पीएसयू के कर्मी बोनस को लेकर उत्साहित हैं। कोल इंडिया और टाटा कंपनी में बोनस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कोल इंडिया ने तो बोनस को लेकर मीटिंग की डेट 22 सितंबर तय कर दी है। लेकिन स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में कोई सुगबुगाहट नहीं है। हालांकि कोल इंडिया के तुलना में सेल कर्मियों को काफी कम बोनस मिलता है। इसलिए इस बार सेल कर्मी भी उत्पादन और मुनाफा के हिसाब से डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा बोनस की मांग कर रहे हैं। लेकिन सेल प्रबंधन द्वारा तय फॉर्मूला में नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) की पांच में तीन यूनियनों की हस्ताक्षर कर दिए जाने के कारण कर्मियों को काफी कम बोनस मिलता है। पिछले साल सेल कर्मियों 26500 रुपए मिले थे। अगर यही फॉर्मूला लागू रहा, तो इस बार भी 29500 से ज्यादा बोनस नहीं मिलेगा। इस मामले में एनजेसीएस और सेल प्रबंधन की चुप्पी से कर्मचारियों में असंतोष है। सेल व कोल कर्मियों को कब कितना मिला बोनस साल सेल कोल इंडिया 2017 11000 57000 2018 13000 60500 2019 15500 64700 2020 16500 68500 2021 21000 72500 2022 40500 76500 2023 23000 85000 2024 26500 93750 सेल कर्मियों के साथ हो रहा है भेदभाव : हरिओम 13 साल : सेल में 18040 रुपए से 26500 हुआ बोनस बोकारो स्टील प्लांट। बताया जाता है कि वर्ष 2011 में सेल कर्मियों 18040 रुपए और कोल कर्मियों को 21000 रुपए बोनस मिला था। 13 साल बाद 2024 में कोल कर्मियों का बोनस चार गुना से ज्यादा 93750 रुपए मिले। जबकि सेल कर्मियों का दोगुना भी नहीं बढ़ा, इन्हें 2024 में मात्र 26500 रुपए ही मिले थे। जबकि दोनों पीएसयू में यही एनजेसीएस की यूनियनें बोनस की मीटिंग में रहती हैं। कोल कर्मियों को ज्यादा मिलने और सेल कर्मियों को कम मिलने पर असंतोष रहता है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में 8 साल में 30 हजार कर्मचारी घटे, लेकिन उत्पादन (प्रतिवर्ष) प्रति कर्मी 320 टन से 579 टन बढ़ गया। प्रत्येक वर्ष हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा हो रहा है, फिर भी इन्हें बोनस पूरा नहीं मिलता, इस मामले को लेकर असंतोष है। कर्मियों की मानें तो सेल द्वारा तय किया गया बोनस फॉर्मूला रद्द कर उन्हें मुनाफा के हिसाब से बोनस मिलना चाहिए। इस मामले को लेकर बीएकेएस यूनियन ने दिल्ली हाई कोर्ट में मामला भी दर्ज कराया था। इसपर कोर्ट में कैट में जाने की सलाह दी है। इधर, मुख्य श्रमायुक्त दिल्ली ने 9 सितंबर को यूनियनों के साथ सेल प्रबंधन की बैठक बुलाई है। इस बैठक में दोनों पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद ही बोनस को लेकर मीटिंग की तिथि तय होने की संभावना है।


