आगर मालवा के सुसनेर में गुरुवार दोपहर दुर्गा वाहिनी की सदस्यों ने थाना प्रभारी केशर राजपूत को आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके संगठन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। आवेदन में बताया गया कि बीते 28 सितंबर को दुर्गा वाहिनी ने सुसनेर में एक पथ संचलन निकाला था। इस दौरान संगठन की बहनों ने स्पष्ट रूप से नारे लगाए थे। इन नारों को लेकर हुआ विवाद नारे थे – “हम सभी हिंदू बहनें मां काली बनेंगी, मां दुर्गा बनेंगी लेकिन कभी भी बुर्के वाली नहीं बनेंगी।” संगठन का कहना है कि इस नारे का उद्देश्य सिर्फ हिंदू समाज की बहनों को जागृत करना और उन्हें लव जिहाद से सावधान करना था। यही पथ संचलन का मूल उद्देश्य भी था। कार्रवाई की मांग दुर्गा वाहिनी की सदस्यों का आरोप है कि कुछ जिहादी मानसिकता वाले लोगों को यह अच्छा नहीं लगा। उन्होंने संगठन की छवि खराब करने के मकसद से उनके खिलाफ ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। बहनों ने स्पष्ट किया कि उनके नारे किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं थे। यह सिर्फ उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है और समाज की बहनों को जागरूक करने का प्रयास मात्र था। इन नारों को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने भी बीते दिनों सुसनेर थाने में आवेदन दिया था।


