दुर्ग न्यायालय की बढ़ी सुरक्षा:मेटल डिटेक्टर लगाकर आने जाने वालों की हुई जांच, डॉग स्कॉक्वड ने परिसर की तलाशी, 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी की लगाई ड्यूटी

राजनांदगांव जिले के न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद दुर्ग जिले में भी ऐतिहातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दुर्ग एसएसपी के निर्देश पर गुरुवार को दुर्ग न्यायालय परिसर में रूटीन चेकअप के साथ-साथ बम की धमकी को लेकर व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर और उसके आसपास पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था देखने को मिली। सुरक्षा जांच के तहत दुर्ग न्यायालय परिसर के चारों प्रवेश द्वारों पर DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए। न्यायालय में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की गई। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने पूरे परिसर में बम और संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी ली। पुलिस द्वारा न्यायालय परिसर के अंदर और बाहर लगभग 60 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कैमरे लगाने की मांग, संदिग्धों की निगरानी करने गार्ड नियुक्त
धमकी भरे ई-मेल की सूचना के बाद जिले के अधिवक्ताओं में भी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और स्थायी चेक पोस्ट बनाई जाए, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। अधिवक्ताओं का कहना है कि दुर्ग जिला जनसंख्या के अनुपात में प्रदेश का दूसरा बड़ा न्यायालय है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पक्षकारों के साथ-साथ अधिवक्ताओं का आना-जाना होता है। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं। अलर्ट मोड पर है पुलिस : डीएसपी
वहीं इस पूरे मामले में क्राइम डीएसपी एलेक्सजेंडर किरो ने बताया कि दुर्ग एसपी के निर्देश पर न्यायालय परिसर में प्रतिमाह रूटीन चेकिंग की जाती है। आज की जांच भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।

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