दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम हिरेतरा में 14 नवंबर 2025 को हुए एक हादसे में अब जाकर अपराध दर्ज किया गया है। इस घटना में 25 वर्षीय एक मजदूर की मौत हो गई थी। मर्ग जांच में सामने आया है कि यह मौत लापरवाही का नतीजा था, जिसके बाद मकान मालिक पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मृतक कमलनारायण ठाकुर, ग्राम पेण्ड्रावन का निवासी था। वह 14 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे अपने साथियों के साथ ग्राम हिरेतरा स्थित डॉ. गुरूदेव चंदेल के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने पहुंचा था। वहां मकान की नींव खुदाई का काम चल रहा था। निर्माण स्थल पर नींव के ठीक बगल में एक पुरानी और जर्जर मिट्टी की दीवार खड़ी थी। आरोप है कि इस दीवार को हटाए बिना ही मजदूरों से काम कराया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई। सुबह करीब 7:30 बजे अचानक वह पुरानी दीवार छत सहित भरभराकर गिर गई। कमलनारायण नींव के गड्ढे में मलबे के नीचे दब गया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान साथ काम कर रहे मजदूर ईश्वरी गायकवाड को भी चोटें आईं। सिर में गंभीर चोट से गई जान हादसे के बाद मृतक के पिता अमरनाथ ठाकुर को फोन पर सूचना दी गई। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो कमलनारायण मृत अवस्था में मिला। पिता की रिपोर्ट पर थाना धमधा में मर्ग क्रमांक 46/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मर्ग जांच के दौरान पंचनामा, घटनास्थल निरीक्षण और चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृतक की मौत का कारण सिर में आई गंभीर चोट बताया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। लापरवाही बनी मौत की वजह जांच में पुलिस ने पाया कि मकान मालिक डॉ. गुरूदेव चंदेल द्वारा मजदूरों से असुरक्षित परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। जर्जर दीवार को न हटाना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर जानलेवा साबित हुई। यह महज हादसा नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही थी। एक महीने बाद दर्ज हुआ आपराधिक केस मर्ग जांच पूरी होने के बाद अब मकान मालिक डॉ. गुरूदेव चंदेल (60 वर्ष) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।


