शाम 3:45 बजे तक भिलाई के जुनवानी चौक व टीआई मॉल, बीएसपी के मुर्गा चौक, दुर्ग के सर्राफा बाजार, इंदिरा मार्केट में रोज की तरह चहल-पहल थी। ट्विनसिटी में कुछ लोग खरीदारी तो कुछ रेस्टोरेंट, चाय-चाट के ठेलों पर खानपान का लुत्फ उठा रहे थे। इसी बीच, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस, एडीएआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस के जवान, आरएसएस की एक टुकड़ी पहुंची। तब घड़ी में 4 बजने वाले थे। जैसे 4 बजे, लोग कुछ समझ पाते, रेड अलर्ट का सायरन बज उठा।
सुरक्षा एजेंसियों के जवान ने चारों तरफ दिख रहे आम लोगों को मुंह में रुमाल आदि लगाकर जमीन पर लेटने को कहा। बम गिरने की स्थिति में अपने और दूसरों के बचाव के लिए क्या करना है, यह बताया। फायर ब्रिगेड, बम निरोधक दस्ते की गाड़ियां पहुंचने लगीं। हर लोकेशन पर फायर टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के जवान जा पहुंचे। सभी टीमें क्रमवार जुनवानी मॉल, बाजार व बीएसपी एरिया जैसी सभी जगह पर मौजूद लोगों को थमने का इशारा कर रही थीं। सबको सुरक्षित करने के बाद एजेंसियां सांकेतिक तौर पर घायलों को ढूंढने में जुट गईं। एक-एक कर हर जगह से औसत सांकेतिक 7 घायलों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। कुछ स्थाई और कुछ को अस्थाई अस्पताल पहुंचाए गए। लगभग 1 घंटे चली इस मॉकड्रिल के दौरान सरकारी एजेंसियों ने बम गिरने के समय बचाव के साथ आगजनी या बम की चपेट में आने वालों के बचाव का भी रिहर्सल की। बचाव और रेस्क्यू के इस कार्य में सभी जरूरी सरकारी व गैरसरकारी एजेंसियां समन्वय से सैन्य ऑपरेशन की तरह प्रदर्शन करती रहीं। बीएसपी में अंधेरा, सड़कों पर थमे वाहन
जैसे ही शाम को 7:30 बजे, भिलाई स्टील प्लांट की गैरजरूरी व टाउनशिप क्षेत्र की सभी लाइटें बंद हो गई। सड़कों से गुजर रहे वाहनों को भी जहां का तहां हेड व बैक लाइट बंदकर खड़ा करा दिया गया। ब्लैक आउट 15 मिनट रहा। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि केंद्र के निर्देशों के तहत विपरीत हालात में सुरक्षा एजेंसियों का रिस्पांस टाइम जानने के लिए 7 जगह मॉकड्रिल की। रिस्पांस टाइम क्या रहा, आगे उसका आंकलन कर जहां गैप मिलेगा, वहां सुधार करेंगे। देश में 244 जिलों में मॉक ड्रिल
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पूरे देश में बुधवार शाम मॉक ड्रिल हुई। देशभर के 244 जिलों में शाम 4 बजे से सिविल डिफेंस की यह सुरक्षा ड्रिल हुई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑपरेशन अभ्यास के तहत जगह-जगह सायरन बजे, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाया गया। इस दौरान, अत्याधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर देशभक्ति के गीत गूंज रहे थे।


