दुर्ग जिले में 800 से ज्यादा एनएचएम कर्मचारियों सीएमएचओ को अपना इस्तीफा दे दिया है। 22वें दिन आंदोलन करने वाले कर्मचारियों ने सोमवार को अनोखा प्रदर्शन करते हुए माता के शरण में पहुंचे। हड़ताली कर्मचारियों ने धरना स्थल से मठपारा स्थित चंडी मंदिर तक करीब 3 किलोमीटर लंबी मनोकामना चुनरी यात्रा निकाली। इस दौरान सभी कर्मचारी पैदल चलते हुए माता के दरबार पहुंचे। सभी ने सामूहिक रूप से 108 मीटर से अधिक लंबी चुनरी माता को अर्पित की। यात्रा में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि, वे माता से यही प्रार्थना करने आए हैं कि सरकार जल्द उनकी मांगों को पूरा करे। जिससे आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता निकले। नियमितीकरण समेत कई मांगें कर्मचारियों ने बताया कि वे बीते दो दशक से नियमितिकरण और सेवा शर्तों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। चंडी मंदिर तक निकाली चुनरी यात्रा धरना स्थल से रवाना हुई चुनरी यात्रा में महिला और पुरुष कर्मियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी ने हाथों में चुनरी थाम रखी थी और नारे लगाते हुए आगे बढ़े। चंडी मंदिर पहुंचने के बाद चुनरी चढ़ाई गई और सामूहिक रूप से माता से विनती की गई कि सरकार जल्द सुनवाई करे। मांग पूरी नहीं होने पर जारी रहेगा आंदोलन एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। वहीं आंदोलन का असर प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखने लगा है। मरीजों को इलाज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


