सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आए ऋषि निर्मलकर हत्याकांड में पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी मेजर सागर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एनएसयूआई का जिला उपाध्यक्ष और होटल 36 इन का मैनेजर है। वहीं हत्या के इस मामले में पुलिस ने एनएसयूआई के दुर्ग जिला संयोजक प्रशांत राव को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को मेजर सागर उर्फ राज सिंह सागर, प्रशांत राव समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह हत्याकांड शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर मुख्य आरोपी के राजनीतिक संगठन से जुड़े होने के कारण। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी विधायक और पूर्व विधायक का काफी करीबी है। फोन नहीं उठाने को लेकर था गुस्सा
बताया जा रहा है कि मेजर सागर को राजनीतिक संरक्षण है। आरोपी ने मृतक ऋषि को कुछ पैसे दिए थे। मेजर सागर वह पैसे मांग रहा था, लेकिन ऋषि पैसा नहीं लौटा रहा था। यहां तक की उसने मेजर सागर का फोन उठाना भी बंद कर दिया था। इसी रंजिश की वजह से मेजर ने उसे होटल के कमरे में बंद कर जमकर पीटा। रास्ते में दोस्त के साथ जा रहा था, बाइक से उतरवाया
मृतक ऋषि निर्मलकर अपने दोस्त के साथ बाइक पर घुम रहा था। स्टेशन रोड पर पीछे से कार में आ रहे मेजर सागर और उसके साथियों ने उसे देख लिया। इसके बाद सभी ने ऋषि को बाइक से उतारकर कार में जबरदस्ती बैठाया। इसके बाद वो उसे दुर्ग के 36 इन होटल ले गए। इस होटल का मैनेजर भी आरोपी मेजर सागर ही था। होटल के एक कमरे में बंद कर ऋषि को लात-घुसे से जमकर सभी ने पीटा और बाहर लाकर छोड़ दिया। इसके बाद ऋषि ने अपने दोस्त को फोनकर बुलाया और वो घर गया। इलाज के दौरान तोड़ा दम
मारपीट की इस वारदात के बाद वो घर गया था। यहां उसकी हालत देखकर परिजनों ने वजह पूछी, लेकिन ऋषि ने घरवालों को कुछ नहीं बताया। दो दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे पास के ही एक डॉक्टर को दिखाया। इसके बाद तीसरे दिन हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान ऋषि ने दम तोड़ दिया। पीएम रिपोर्ट में चोट की वजह से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पहले दो, फिर तीन फरार आरोपी पकड़े गए
विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें एनएसयूआई जिला संयोजक प्रशांत राव (26) और लक्की उर्फ किशन कुमार ध्रुवे (18 वर्ष 4 माह) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। वहीं मुख्य आरोपी मेजर सागर समेत तीन अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। लगातार तलाश के बाद 2 फरवरी 2026 को सूचना के आधार पर घेराबंदी कर काके उर्फ हरविंदर सिंह (20), मेजर सिंह सागर उर्फ राज सिंह सागर (19) और अंकित झा (22) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार किया।


