दुर्लभ पेंगोलिन शल्क के साथ पकड़ाए दो तस्कर:बलरामपुर में पकड़े गए तस्कर, WCC भोपाल और वन विभाग की कार्रवाई

दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्राणी की सूची में दर्ज पेंगोलिन के शल्क के साथ दो युवकों को वनविभाग और WCC भोपाल की टीम ने बलरामपुर में पकड़ा है। दोनों युवक शंकरगढ़ क्षेत्र में पेंगोलिन शल्क का सौदा करने जा रहे थे। आरोपियों के कब्जे से जब्त 6 किलो पेंगोलिन शल्क की कीमत लाखों रुपए बताई गई है। इसका उपयोग दवाएं बनाने में किया जाता है। जानकारी के मुताबिक, WCC भोपाल को बलरामपुर के शंकरगढ़ क्षेत्र में पेंगोलिन शल्क की तस्करी की सूचना मिली थी। WCC की टीम ने आरोपियों तक अपने मुखबिर भेजकर पेंगोलिन शल्क का सौदा किया। सौदे के अनुसार, दोनों युवक बाइक से पेंगोलिन शल्क लेकर आ रहे थे, जिसे वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो भोपाल की टीम के साथ वनविभाग की सरगुजा और बलरामपुर की टीम ने पकड़ लिया। 6 किलो शल्क बरामद, कीमत लाखों रुपए में
शंकरगढ़ एसडीओ फारेस्ट रवि शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए युवकों से 6 किलो पेंगोलिन शल्क बरामद किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में कुसमी नवडीहाकला निवासी लीला राम कुजूर (36 वर्ष) और करौंधा तरैनी निवासी लवंगसाय (38 वर्ष) शामिल हैं। जब्त पेंगोलिन शल्क की कीमत लाखों रुपए में बताई गई है। फिलहाल डब्ल्यूसीसी की टीम द्वारा आरोपियों और जब्त खाल को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
बताया जा रहा है कि पेंगोलिन के शिकार और शल्क की तस्करी में और भी लोग शामिल हैं जो पेंगोलिन और अन्य जीवों का शिकार कर तस्करी कर रहे हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। शंकरगढ़ और कुसमी क्षेत्र में इससे पूर्व भी पेंगोलिन शल्क के तस्करों को पकड़ा जा चुका है। कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अम्बिकापुर निखिल पैकरा, अली अहमद अंसारी, पवन कुमार, नवीन प्रताप सिंह, सुभाष सिंह, सूरजपुर वन मंडल से महेंद्र पाठक, महेंद्र प्रताप राजवाड़े के साथ ही वन विभाग बलरामपुर की टीम सक्रिय रही। दवाएं बनाने में होता है इस्तेमाल
पेंगोलिन के मांस और शल्क की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए में है। चीन और ताइवान जैसे देशों में पेंगोलिन के मांस और शल्क की खासी कीमत मिलती है। इससे यौन वर्धक दवाएं और प्रसूता माताओं के लिए दवाएं बनाई जाती हैं। इस कारण पेंगोलिन का शिकार और तस्करी होती है। सरगुजा संभाग के कई इलाकों में पेंगोलिन पाए जाते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *