गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के एक्सटेंशन एजुकेशन निदेशालय की ओर से कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड साइंस टेक्नोलॉजी में दूध और दुग्ध उत्पादों की वैल्यू एडिशन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ये कार्यक्रम मुश्काबाद एफएएम डेयरी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से रखा गया। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जेपीएस गिल ने कहा कि दूध को विभिन्न दुग्ध उत्पादों में बदलने से न केवल उसकी शेल्फ लाइफ और गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय इजाफा होता है। उन्होंने बताया कि छोटे और सीमांत डेयरी किसान सामूहिक रूप से वैल्यू एडिशन अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। 200 से अधिक किसान सदस्य जुड़े : एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. आर.एस. ग्रेवाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण नाबार्ड प्रायोजित रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य लुधियाना जिले में डेयरी फार्मिंग पर आधारित फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को बढ़ावा देना है। मुश्काबाद एफएएम डेयरी प्रोड्यूसर कंपनी में 200 से अधिक किसान सदस्य जुड़े हैं। {खोया और पनीर निर्माण का प्रायोगिक अभ्यास भी कराया: कॉलेज के डीन डॉ. संजीव कुमार उप्पल ने प्रतिभागियों को डेयरी वैल्यू एडिशन से जुड़ी संभावनाओं और कॉलेज में उपलब्ध उन्नत सुविधाओं की जानकारी दी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक संजीव कुमार ने पशुपालकों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम समन्वयकों ने प्रशिक्षण सत्र को व्यवहारिक रूप देने के लिए प्रतिभागियों को खोया और पनीर निर्माण का प्रायोगिक अभ्यास भी करवाया। इस दौरान दूध की प्रोसेसिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता के महत्व को समझाया गया। प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दुग्ध उत्पादों की वैल्यू एडिशन की जानकारी दी गई, जिससे वे भविष्य में अपने स्तर पर छोटे डेयरी यूनिट स्थापित कर सकें। इस प्रशिक्षण से किसानों को आत्मनिर्भर बनने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।


