टोंक में एक स्थल को लेकर समाज के दो पक्षों में विवाद हो गया। स्थल पर अपना-अपना दावा किया जा रहा है। एक पक्ष की ओर से स्थल पर धर्मशाला बनाई जा रही थी। दूसरे पक्ष ने एतराज किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने निर्माण करा रहे पक्ष से पट्टा मांगा। पट्टा नहीं होने पर काम रोकने के निर्देश दिए गए। मामला जिले के दूनी नगरपालिका के घाड़ रोड स्थित रामदेवजी मंदिर के पास का है। जानकारी के मुताबिक मंदिर के पास पुराना सार्वजनिक कुआं और चबूतरा है। एक पक्ष की ओर से धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके विरोध में मंगलवार को दूसरे पक्ष के लोग दूनी तहसील कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। तहसीलदार विनोद शर्मा को ज्ञापन देकर तुरंत काम रुकवाने की मांग की गई। विवादित स्थल पर दोनों पक्षों का हक ज्ञापन में लोगों ने बताया- काफी साल पहले कुएं और चबूतरे का निर्माण ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक हित में कराया था। ताकि दोनों पक्षों के लोग इसका उपयोग कर सकें। दोनों पक्षों के लोग सार्वजनिक स्थल का उपयोग करते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों में मतभेद पैदा हुए। इस कारण हमने स्थल का उपयोग नहीं किया। लेकिन दूसरे पक्ष ने इस सार्वजनिक संपत्ति को निजी बताकर वहां धर्मशाला बनाने के लिए निर्माण कार्य अवैध रूप से शुरू कर दिया है। जबकि यह जगह रिकॉर्ड में सार्वजनिक है। पंचायत की ओर से इसकी मरम्मत कराई जाती रही है। ऐसे में एक पक्ष ने प्रशासन से यह मांग रखी- ज्ञापन मिलने के बाद तहसीलदार पहुंचे मौके पर ज्ञापन मिलने के कुछ देर बाद तहसीलदार विनोद शर्मा मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य के रहे लोगों से संबंधित जगह का पट्टा मांगा। पट्टा नहीं देने पर निर्माण में जुटे लोगों को तुरंत निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए। इससे पहले विरोध प्रदर्शन में बड़ी तादाद में लोग तहसील कार्यालय पहुंचे।


