“सब बिखर गया, अब काहे की शादी…” रुंधे हुए गले से यह बात दूल्हे ने कही। आज उसकी शादी होना थी। वह मंडप के लिए हल्दी चढ़ाए बैठा था। इससे कुछ घंटे पहले हुए सड़क हादसे में उसके परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह खबर सुनते ही फूट-फूटकर रो पड़ा। शादी वाले घर की खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। दोपहर बाद जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचे। घर से एक साथ अरुण, गुड्डी, राजकुमारी, प्रद्युमन और हेमलता की अर्थियां उठ ही रही थीं, तभी खबर आई, इलाज के दौरान ग्वालियर में सरोज की भी मौत हो गई। हादसे में 19 लोग घायल हुए
बता दें कि भिंड के जवाहरपुरा गांव के पास तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े लोडिंग वाहन को टक्कर मार दी थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। 20 घायल हुए। लोडिंग वाहन को टक्कर मारने के बाद डंपर ने बाइक को भी चपेट में ले लिया। एक्सीडेंट नेशनल हाईवे क्रमांक 719 पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। हादसे के शिकार सभी लोग जवाहरपुरा गांव में शादी से भिंड के भवानीपुरा लौट रहे थे। सभी आपस में रिश्तेदार हैं। डंपर ड्राइवर मौके से भाग निकला। हादसे के बाद ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। हाईवे को सिक्सलेन बनाने की मांग करते हुए कलेक्टर, एसपी और सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। पुलिस ने डंपर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। भाई की शादी के लिए नहीं दी PSC परीक्षा
सुबह 11:30 बजे पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया। तीन एम्बुलेंस में पांचों शवों को भवानीपुरा लाया गया। घर पर कोहराम मच गया। प्रद्युम्न की साली काजल अपने माता-पिता से लिपटकर बिलखते हुए बोली, “पापा, अब क्या होगा? दीदी और जीजा चले गए… जीजा बहुत अच्छे थे…” हादसे में मारे गए अरुण के दोस्त आलोक गर्ग ने बताया कि “अरुण सेना में जाना चाहता था। वह साथ में प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहा था। दो दिनों पहले ही उसका MPPSC का पेपर था। लेकिन उसने अपने बुआ के बेटे सूरज की शादी के लिए परीक्षा नहीं दी थी।” अरुण घर का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। एक साल पहले हुई थी प्रद्युम्न और हेमलता की शादी
वहीं, राजकुमारी आंगनबाड़ी सहायिका थीं। उनके परिवार में एकमात्र बेटा मनोज है। गुड्डी के पति ओमप्रकाश कौशल सरकारी विभाग में क्लर्क के पद से रिटायर हुए हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा अभिषेक है। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। प्रद्युम्न और हेमलता की शादी 15 जुलाई 2024 को हुई थी। प्रद्युम्न के माता-पिता गुजर चुके हैं। एक बड़ा भाई है। हेमलता अपनी दो बहनों के साथ शादी में शामिल होने आई थी। हादसे के समय छोटी बहन शिवानी उसके साथ मौजूद थी जबकि दूसरी बहन काजल शादी वाले घर में थी। हादसे में घायल शिवानी को ग्वालियर रेफर किया गया है। शव पहचानना तक मुश्किल हो गया था
हादसे का मंजर बेहद भयावह था। प्रत्यक्षदर्शी टिंकू जाटव ने बताया, “पहचान पाना मुश्किल था कि कौन सा शव किसका है। सड़क खून से लाल हो चुकी थी।” राजेश्वरी देवी, जो घटना के वक्त घर के अंदर थीं, उसने कहा, “तेज धमाके की आवाज सुनकर बाहर आई तो तीन शव बुरी हालत में पड़े थे। चारों ओर खून ही खून था।” 3 लोगों की मौके पर ही मौत
जानकारी के मुताबिक, जवाहरपुरा निवासी राकेश जाटव के बेटे की शादी सोमवार को थी। इसमें शामिल होने के लिए भवानीपुरा गांव से उनके ससुराल पक्ष के लोग भी आए थे। मंगलवार सुबह सभी भवानीपुरा लौटने के लिए लोडिंग वाहन में बैठ रहे थे। उनको छोड़ने आए लोग भी वहीं खड़े थे। इसी दौरान डंपर ने टक्कर मार दी। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ा। एक महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान जान चली गई। भिंड जिला अस्पताल में 7 घायलों का इलाज जारी है। वहीं, 6 घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया। 7 को मामूली चोटें आने पर प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज गया। ग्वालियर में भर्ती घायलों में एक इलाज के दौरान एक और महिला सरोज ने दम तोड़ दिया। डंपर ने लोडिंग वाहन को मारी टक्कर थी टक्कर हादसे के बाद करीब 4 घंटे तक जाम लगा रहा। जानकारी लगते ही कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, एसपी असित यादव, एसडीएम अखिलेश शर्मा, डीएसपी दीपक तोमर वहां पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उनकी मांग ऊपर पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान व्यवस्था संभालने के लिए चार थानों का पुलिस बल बुलाया गया था। उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख और सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। पूरी खबर पढ़िए…


