दूल्हे के घर बारात लेकर पहुंची दुल्हन:फिरोजपुर में गेहूं की खड़ी फसल में सजा पंडाल, कनाडा से शादी करने पंजाब आए

पंजाब के फिरोजपुर में अनोखी शादी हुई। आमतौर पर दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है, लेकिन इस शादी में यह परंपरा उलट हो गई। यहां दुल्हन हरमन खुद बारात लेकर दूल्हे दुर्लभ के घर पहुंची। इस शादी में एक और खासियत थी कि समारोह का आयोजन खेत के बीचों-बीच किया गया था। दूल्हे के परिवार ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल के बीच टेंट लगाया था। बारातियों और मेहमानों के लिए वहीं खाने की व्यवस्था की गई थी। हरियाली के बीच नई शुरुआत
दुल्हन हरमन कौर ने बताया कि हम दोनों कनाडा में रहते हैं और शादी के लिए स्पेशल पंजाब अपने घर पर आए हैं। उन्होंने आगे कहा- शादी के बाद पति का जो कुछ होता है वो पत्नी का भी हो जाता है इसलिए मैं आज अपने पति के घर पर बारात लेकर आई हूं। अपने पति की जमीन में खड़ी फसल के बीच टेंट लगाकर शादी की।
हमने शादी में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया है। शादी का पंडाल हरे-भरे पौधों से सजाया गया था और समारोह के अंत में रिश्तेदारों को पौधे उपहार में देकर विदा किया गया। किसान आंदोलन से मिली प्रेरणा
दूल्हा-दुल्हन दोनों कनाडा में रहते हैं, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ाव बनाए रखने के लिए उन्होंने शादी पंजाब में करने का फैसला किया। उनका यह निर्णय सिर्फ परंपरा निभाने तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें एक गहरी सोच भी थी। गुरुवार (20 फरवरी) को करी कलां गांव में दोनों की शादी हुई। हरमन और दुर्लभ ने बताया कि वे पंजाब के किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर हरियाणा बॉर्डर पर दिए जा रहे धरने से प्रेरित हुए हैं। उन्होंने शादी खेत में कर यह संदेश दिया कि वे अपनी जड़ों से कभी दूर नहीं होंगे और हमेशा अपनी मातृभूमि से जुड़े रहेंगे। दुल्हन बोलीं- पहले भी दिया था किसानों का साथ
हरमन बताती हैं, ” जब दिल्ली में किसानों का पहला संघर्ष शुरू हुआ था, तो तब भी हमने किसानों की मदद की थी। अब भी हम अपनी शादी किसानी को समर्पित कर रहे हैं। ताकि बाकी के किसान परिवारों को इससे कोई सीख मिल सके और पुराने समय की तरह बड़े बड़े पैलेस को छोड़कर लोग घरों के बाहर अपनी जमीनों में टेंट लगाकर शादी करें।”
वहीं दूल्हे दुर्लभ सिंह ने बताया कि हम किसान हैं और हमे पहले किसानी संघर्ष से ये सीख मिली है कि हमें खेतों से जुड़ना चाहिए। यही करने हम कनाडा से स्पेशल शादी करने के लिए अपने घर आए हैं।

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