धार जिले के सरदारपुर नगर में दूषित पेयजल आपूर्ति की खबर दैनिक भास्कर डिजिटल पर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को विधायक प्रताप ग्रेवाल ने शालिनी मार्ग पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को फटकार लगाई। मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने पर विधायक ग्रेवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कहा- हर माह जांच होनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान विधायक प्रताप ग्रेवाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ब्लॉक समन्वयक अधिकारी बी.एल. परवार से पानी की टेस्टिंग के संबंध में जानकारी ली। परवार ने बताया कि नियमानुसार हर माह पानी की जांच होनी चाहिए। नगर परिषद द्वारा 2 जनवरी को पानी का नमूना दिया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पानी में क्लोरीन की मात्रा और दूषित पानी में मौजूद बैक्टीरिया का पता चल पाएगा। शालिनी मार्ग पर दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत सबसे पहले 21 दिसंबर को वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि परवेज लोदी ने की थी। उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ को वॉट्सऐप पर वीडियो भेजकर दूषित पानी की जानकारी दी थी और समाधान की मांग की थी, लेकिन एक सप्ताह तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इंदौर के भागीरथपुरा हादसे के बाद 30 दिसंबर को लीकेज तलाशने के लिए खुदाई शुरू की गई, लेकिन पांच दिन बाद भी लीकेज का पता नहीं चल सका। आठ साल पहले डाली गई थी लाइन
नगर में लगभग आठ वर्ष पूर्व अमृत-1 योजना के तहत डाली गई पेयजल लाइन सफल नहीं हो सकी थी। इसकी खामियों को दूर करने के लिए अमृत-2 योजना लाई गई, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना पूरी नहीं हो पाई है। इस निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष प्रतिनिधि अर्पित ग्रेवाल, सीएमओ यशवंत शुक्ला, उपयंत्री कविता जमरे, पीएचई विभाग के बाबूलाल परवार और पार्षद प्रतिनिधि परवेज लोदी सहित नगर परिषद के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


