दूसरे जिलों में डिजिटल रजिस्ट्री करवाने पर सरकार ने लगाई रोक

ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा की आड़ में बैन प्रॉपर्टियों की हो रही रजिस्ट्री की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद पंजाब सरकार ने सख्त आदेश जारी किए हैं। अंडर सेक्रेटरी रेवेन्यू द्वारा सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे जिलों की रजिस्ट्रियां करने वाले तहसीलदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भास्कर ने खुलासा किया था कि फतेहगढ़ साहिब के खमाणों तहसील में लुधियाना एरिया की रजिस्ट्री हो रही हैं जिसके बाद पंजाब सरकार ने 24 घंटे में सब रजिस्ट्रार को सस्पेंड कर दिया। एक्शन के 24 घंटे में ही पंजाब सरकार ने शुक्रवार को नए आदेश जारी कर दिए। गौरतलब है कि शहर में सबसे ज्यादा अनियमित रजिस्ट्रियां हो रही हैं। इसके पीछे बड़ा नेक्सस सक्रिय है। इसी बात का प्रमाण है कि एक महीने में दो सब-रजिस्ट्रार पंजाब सरकार की ओर से निलंबित किए जा चुके हैं। रजिस्ट्री नियमों की हो रही अनदेखी भास्कर पड़ताल में सामने आया है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के दौरान बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी हो रही है। जानकारी के मुताबिक जल्द रजिस्ट्री करवाने के चक्कर में जरूरी दस्तावेजों को भी पूरी तरह नहीं मिलान हो रहा। ऐसे ही मामले की शिकायत डीसी लुधियाना, एफसीआर से भी की गई है, जिसमें 95 गज के प्लॉट के लिए जारी एनओसी नंबर 208069, का इस्तेमाल 50 गज की रजिस्ट्री के लिए किया गया है। मामला हैबोवाल वेस्ट तहसील का है। जबकि सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार एक प्लॉट को दो हिस्सों में विभाजित कर अलग-अलग रजिस्ट्री नहीं की जा सकती। सरकारी वेबसाइट से गायब हुई ई-सर्च की ऑप्शन इस डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम में सामने आ रहे कथित घोटालों के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में शिकायतकर्ता दमनप्रीत ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जिस वेबसाइट के जरिए रोजाना होने वाली रजिस्ट्रियों की जानकारी मिलती थी, उस पर मौजूद “ई-सर्च” की ऑप्शन गायब कर दी गई। इस ऑप्शन के जरिये यह पता चलता था कि किस तहसील में कितनी और किस एरिया की रजिस्ट्री हुई है। इतना ही नहीं, ई-सर्च ऑप्शन के जरिए वसीका भी अपलोड हो जाता था, लेकिन शाम से वह सुविधा भी हटा दी गई है। उन्होंने इस कदम को डिजिटल रजिस्ट्री की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने की कवायद बताया। भास्कर ने उठाया था मुद्दा सोमवार को ई-सर्च ऑप्शन दोबारा शुरू करवाएंगे: एफसीआर अनुराग वर्मा ने बताया कि ई-सर्च ऑप्शन हटाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी, सोमवार को जांच के बाद इसे दोबारा शुरू कराया जाएगा। रजिस्ट्री में अनियमितताओं को लेकर सख्ती बढ़ाई है। वहीं, एनओसी 95 गज और रजिस्ट्री 50 गज के मामले की जांच के लिए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई करेंगे।

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