भास्कर न्यूज| महासमुंद /बसना समग्र शिक्षा के राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत महासमुंद जिले के प्रारंभिक और सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। जिले के 22 चयनित छात्र-छात्राओं ने ओडिशा के भुवनेश्वर और कोणार्क के प्रमुख केंद्रों का भ्रमण कर वैज्ञानिक बारीकियों को समझा। सहायक कार्यक्रम समन्वयक सम्पा बोस o सुबोध कुमार तिवारी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र भुवनेश्वर का भ्रमण किया। यहां छात्रों अंतरिक्ष विज्ञान, सौर परिवार और पृथ्वी की संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। 3डी शो, आउटडोर साइंस पार्क और प्रागैतिहासिक जीवन पार्क का आनंद लिया। कलिंगा आईआईटी उच्च रैंकिंग वाले इस संस्थान में जाकर छात्रों ने शिक्षण व शोध की बारीकियों को समझा। छात्रों ने विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर और जूलॉजिकल पार्क का भी दौरा किया। कोणार्क में विद्यार्थियों ने प्राचीन वास्तुकला के साथ-साथ वहां छिपी वैज्ञानिक अवधारणाओं को जाना। सहायक कार्यक्रम समन्वयक सम्पा बोस ने कहा कि “ऐसे भ्रमणों से छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होती है और विज्ञान विषय रोचक व मनोरंजक बनता है। वहीं सहायक कार्यक्रम समन्वयक सुबोध कुमार तिवारी ने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान से कहीं अधिक प्रभावी होता है। इस मौके पर बसना से आरती साहू, योगेश मेहेर, सजनी निषाद, कोमल चौधरी, पीयूष प्रधान; महासमुंद से विजय कुमार, मधु यादव, काव्यांश, पल्लवी; तुमगांव से अजय पटेल; बागबाहरा से लोमेश यदु, छाया, मीनाक्षी, डिंपल, अदिति पाठक; पिथौरा से रितेश, पिलेश, पायल, गुलशन और सरायपाली से रूपेश, सैयद आयशा व अमन बेहरा शामिल थे। जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने कहा कि भ्रमण से बच्चों में निरीक्षण और कल्पना शक्ति का विकास होता है। विज्ञान शिक्षक प्रेमचंद साव ने बताया कि “विज्ञान की अवधारणाएं हमारे जीवन को सरल और सुरक्षित बनाती हैं।”


