दृष्टिबाधित लोगों को समाज के हर पहलू में शामिल करने पर दिया जोर

भास्कर न्यूज|गिरिडीह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शनिवार को अजीडीह स्थित नेत्रहीन विद्यालय में ब्रेल दिवस मनाया गया। यहां विधिक जागरूकता सह साक्षरता शिविर लगाया गया। जिसमें बताया गया कि विश्व ब्रेल दिवस- 2025 की थीम समावेश और विविधता के माध्यम से सशक्तीकरण है। इस थीम का मकसद, दृष्टिबाधित लोगों को समाज के हर पहलू में शामिल करना और उन्हें स्वीकार करना है। यह थीम, दृष्टिबाधित समुदाय में विविधता को अपनाने की ताकत पर जोर देती है। साथ ही यह एक समावेशी माहौल की वकालत करती है। जहां हर कोई अपनी क्षमता के मुताबिक आगे बढ़ सके और योगदान दे सके। विश्व ब्रेल दिवस हर साल 4 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। लुई ब्रेल का जन्म 1809 में फ्रांस में हुआ था। उन्होंने 10 साल की उम्र में फ्रांस के रॉयल इंस्टीट्यूट फ्रांस ब्लाइंड यूथ में पढ़ाई की थी। उन्होंने उभरे हुए बिंदुओं की प्रणाली को विकसित किया, जिसे बाद में ब्रेल के नाम से जाना गया। ब्रेल लिपि से जुड़ी कुछ खास बातें बताया कि ब्रेल लिपि नेत्रहीन लोगों के लिए बनाई गई एक लेखन पद्धति है। ब्रेल लिपि किसी भी भाषा को लिखने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। यह कई भाषाओं में उपलब्ध है, जैसे कि संस्कृत, अरबी, चीनी, हिब्रू, और स्पेनिश। ब्रेल लिपि पढ़ने के लिए, अंगुलियों को बायीं से दायीं ओर बिंदुओं पर चलाया जाता है और उभरे हुए पैटर्न को महसूस किया जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में पैनल अधिवक्ता मो फैयाज अहमद, अधिवक्ता रविकांत शर्मा, पीएलवी दिलीप कुमार, अशोक कुमार वर्मा, कामेश्वर कुमार, सुनील कुमार और रिया कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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