देवघर की पहचान बन चुकी शिव बारात इस साल 26 फरवरी को अपने 32वें वर्ष में प्रवेश करेगी। मंगलवार को शिक्षा सभा चौक स्थित गणेश मंदिर में आयोजित शिवरात्रि महोत्सव समिति की बैठक में शिव बारात के भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। समिति ने निर्णय लिया है कि शिव बारात केकेएन स्टेडियम से शाम 7 बजे निकलेगी। इस दौरान भूत-पिशाच, देवता-दानव सहित विभिन्न आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी मार्कण्डेय जजवाड़े को सौंपी गई है। शहर को दुल्हन की तरह सजाने का निर्णय लिया गया है और मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए जाएंगे। बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पूर्व महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर, अध्यक्ष अभिषेक आनंद झा, कार्यकारी अध्यक्ष मार्कण्डेय जजवाड़े पुटरू, महामंत्री ताराचंद जैन और राज कुमार शर्मा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। समिति के पदाधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि पिछले दो वर्षों से यह परंपरा अपनी मूल पहचान खोती जा रही है। इसे पुनर्जीवित करने के लिए राज नारायण खवाड़े के नेतृत्व में इस वर्ष की तैयारियां की जा रही हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1994 से शुरू हुई यह परंपरा देवघर की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।


