देवघर में शिवगंगा तट पर पितृ पक्ष की शुरुआत:शिवगंगा में श्रद्धालुओं की भीड़, तर्पण और स्नान के लिए उमड़े लोग

देवघर के शिवगंगा तट पर सोमवार से पितृ पक्ष की शुरुआत हो गई है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों को तर्पण करने पहुंचे। चंद्र ग्रहण के बाद स्नान का विशेष महत्व होने के कारण भी यहां भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालु स्नान के बाद तर्पण और पिंडदान कर अपने पूर्वजों को जल अर्पित कर रहे हैं। पितृ पक्ष का महत्व पितृ पक्ष कुल 15 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत से तीन दिन पहले ऋषि तर्पण की परंपरा निभाई जाती है। पूर्णिमा के बाद से लेकर देवी पक्ष के एक दिन पहले तक पितरों को जल अर्पित किया जाता है। यह कालखंड सनातन धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। तर्पण करने से पितरों की आत्मा को मिलती है शांति स्थानीय पुरोहित सुनील नारायण मिश्र ने बताया कि पितृ पक्ष में तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। उनका कहना है कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है। शिवगंगा का है धार्मिक महत्व देवघर स्थित शिवगंगा तीर्थ स्थल का विशेष महत्व है। यहां हर साल पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु तर्पण और पिंडदान करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के बाद इस पवित्र स्थल पर स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि सोमवार को शिवगंगा घाट पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण पूरी तरह धार्मिक आस्था से सराबोर हो गया।

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