जांजगीर-चांपा जिले में देवरी से ससहा मार्ग की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले सात वर्षों से हो रहे अवैध रेत परिवहन के कारण सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण शुरू करने और रेत घाट का टेंडर निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर 10 दिसंबर को देवरी मोड़ मेन रोड पर चक्का जाम किया जाएगा। ग्राम पंचायत देवरी से ससहा तक जाने वाली यह सड़क कई वर्षों से बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार, देवरी, खोरसी, नवागांव और देवरघटा क्षेत्रों से बिना अनुमति के लगातार रेत का परिवहन किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। रेट परिवहन से धूल, गंदगी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रेत परिवहन में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। रेत परिवहन से उड़ने वाली धूल और रेत के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में तकलीफ, गंदगी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत ढोने वाले भारी वाहनों से उठने वाली धूल और रेत का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। देवरी, लोहर्षी, खोरसी, तनोद, नवागांव, सिंघलदीप, बकराभाठा, पंडरिया, खरगहनी, कमरीद, भुइगांव, खरखोद, शुक्लाभाठा और खैराडीह सहित आसपास के कई गांवों के निवासी इस समस्या से लगातार परेशान हैं। मांग न मानने पर 10 दिसंबर को चक्का जाम की चेतावनी ग्रामीणों ने कलेक्टर से अवैध रेत परिवहन का टेंडर तुरंत निरस्त करने और पक्के सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 10 दिसंबर 2025 को देवरी मोड़-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर बड़ा चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


