देवास में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने महज 13 दिनों में इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर ठगी गई 100 प्रतिशत राशि बरामद कर ली है। यह कार्रवाई देवास पुलिस की सतर्कता और तेज जांच का परिणाम मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, आनंद विहार कॉलोनी निवासी चेतनसिंह सोलंकी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने व्हाट्सएप के जरिए क्रिप्टो निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे किश्तों में 1 लाख 4 हजार 100 रुपये ठग लिए। शिकायत मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन और थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य, डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने उज्जैन निवासी बबलू मकवाना उर्फ अजय, लखन पंवार, राहुल तोमर, अरीब अली खान उर्फ अली और अलवहीद खान उर्फ रूमी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से ठगी की गई पूरी रकम 1,04,100 रुपये के साथ 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 1,29,000 रुपये बताई गई है। इस तरह कुल 2,33,100 रुपये का मश्रूका जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


